रामपुर में मुख्यालय से करीब 22 किलोमीटर दूर मिलक खानम थाना क्षेत्र में पीलाखार नदी से गुरुवार सुबह छह बजे से रेत निकालने का काम शुरू हो गया। नदी से लगातार रेत निकाले जाने से आसपास के किसानों की चिंता बढ़ गई है। किसानों को आशंका है कि नदी की गहराई बढ़ने से बरसात के दौरान पानी का बहाव तेज होगा और उनकी कृषि भूमि का कटान हो सकता है। वहीं, जिला खनन अधिकारी ने मामले में संबंधित अधिकारियों से जांच कराकर कार्रवाई करने की बात कही है।
स्थानीय किसान रजनीश, शिव कुमार और चोखेलाल के मुताबिक, नदी में पानी कम होते ही कुछ लोगों ने रेत निकालना शुरू कर दिया। किसानों का कहना है कि नदी से लगातार रेत निकाले जाने से उसकी गहराई बढ़ रही है। बरसात के दौरान पहाड़ी इलाकों से पानी आने पर नदी का बहाव तेज हो जाता है। ऐसे में आसपास के खेतों की जमीन कटने का खतरा बढ़ सकता है। किसान चोखेलाल ने बताया कि पिछले कई वर्षों से बरसात के दौरान नदी में पानी बढ़ने पर कृषि भूमि का कटान होता रहा है। उन्होंने प्रशासन से नदी से अवैध रूप से रेत निकालने पर रोक लगाने की मांग की, ताकि किसानों की जमीन को सुरक्षित रखा जा सके।
उधर, जिला खनन अधिकारी ने बताया कि मामले की जानकारी मिलने के बाद संबंधित एसडीएम, लेखपाल और कानूनगो समेत अन्य अधिकारियों से जांच कराकर रिपोर्ट मांगी जाएगी। जांच में नदी से अवैध रूप से रेत निकालने वालों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि किसानों की कृषि भूमि को कटान से बचाने के लिए मामले में आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।

