अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ के प्रदेशव्यापी आह्वान पर बुधवार को श्रीगंगानगर में कर्मचारियों ने कलेक्ट्रेट पर विरोध-प्रदर्शन किया। इस दौरान कर्मचारियों ने राज्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए सीएम के नाम एडीएम को ज्ञापन सौंपा। महासंघ ने मांगों पर कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन तेज करने और धनतेरस पर डिप्टी सीएम दीया कुमारी के निवास के बाहर काली दिवाली मनाने की चेतावनी दी। महासंघ के जिलाध्यक्ष अशोक कलवानिया और जिला मंत्री राधेश्याम यादव ने कहा- प्रदेश के कर्मचारियों के समर्पित अवकाश पर पिछले 6 महीने से अघोषित रोक लगी हुई है। वहीं, सेवानिवृत्त कर्मचारियों को पिछले 7 से 8 महीने से जीपीएफ, एसआई और अन्य परिलाभों का भुगतान नहीं किया जा रहा है। इससे प्रदेश के करीब 8 लाख कर्मचारियों और उनके परिवारों में रोष है। महासंघ पदाधिकारियों ने कहा कि कर्मचारियों की मांगों को लेकर राज्य सरकार का रवैया संवेदनहीन बना हुआ है। महासंघ की ओर से सरकार को सौंपे गए 11 सूत्री मांगपत्र और 7 संकल्पों पर भी अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। सरकार का ध्यान आकर्षित करने के लिए बुधवार को प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों पर ज्ञापन दिए गए हैं। मांगों पर सुनवाई नहीं होने पर प्रदेश नेतृत्व के घोषित कार्यक्रम के अनुसार आंदोलन के अगले चरण आयोजित किए जाएंगे। महासंघ ने चेतावनी दी कि मांगों पर कार्रवाई नहीं होने पर धनतेरस के दिन डिप्टी सीएम एवं वित्त मंत्री दिया कुमारी के निवास के बाहर काली दिवाली मनाई जाएगी। इसमें प्रदेशभर से सैकड़ों कर्मचारी शामिल होंगे। इसके अलावा 12 दिसंबर को अखिल भारतीय सरकारी कर्मचारी महासंघ के आह्वान पर नई दिल्ली के रामलीला मैदान में प्रस्तावित महारैली में भी प्रदेश और श्रीगंगानगर जिले से बड़ी संख्या में कर्मचारी भाग लेंगे। प्रदर्शन में राजस्थान शिक्षक संघ शेखावत के गुरमीत सिंह गिल और पवन छिम्पा, राजस्थान नर्सेज एसोसिएशन के नवदीप सिंह मान और रामकुमार सिहाग, राजस्थान पंचायती राज एवं माध्यमिक शिक्षक संघ के संजीव वेदी और इंद्राज जाखड़, वन अधीनस्थ कर्मचारी संघ की मंजू बाला और राजीव कुमार विश्नोई, अखिल राजस्थान कृषि पर्यवेक्षक संघ के अनिल फूल भाटी और चरणदास, राजस्थान पटवार संघ के मांगीलाल, राजस्थान कृषि स्नातक संघ के रोशन सिंह और सुधीर कुमार तथा महासंघ के वरिष्ठ उपाध्यक्ष जसकरण सिंह अनेक पदाधिकारी मौजूद रहे।

