किशनगंज में शिक्षा विभाग ने शिक्षकों, प्रधानाध्यापकों और शिक्षकेतर कर्मचारियों के मानव संसाधन प्रबंधन प्रणाली (HRMS) पोर्टल पर दर्ज रिकॉर्ड के सत्यापन का आदेश जारी किया है। 12 अक्टूबर 2026 को जारी आदेश के तहत जांच के लिए दो समितियों का गठन किया गया है। दोनों समितियों को 22 अक्टूबर तक सत्यापन पूरा कर जांच प्रतिवेदन सौंपने का निर्देश दिया गया है। जिले के कार्यालयों और स्कूलों के रिकॉर्ड की होगी जांच विभागीय आदेश के अनुसार, जिले के विभिन्न कार्यालयों और स्कूलों में कार्यरत कर्मचारियों के HRMS पोर्टल पर दर्ज रिकॉर्ड का सत्यापन किया जाएगा। इस प्रक्रिया का उद्देश्य पोर्टल पर उपलब्ध जानकारी की प्रामाणिकता और सही स्थिति का पता लगाना है। प्रमाणपत्रों की जांच होगी या नहीं, स्थिति स्पष्ट नहीं फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि सत्यापन केवल HRMS पोर्टल पर दर्ज विवरण तक सीमित रहेगा या इसमें शैक्षणिक प्रमाणपत्रों और नियुक्ति से जुड़े दस्तावेजों की भी जांच की जाएगी। समितियों की जांच प्रक्रिया और अंतिम प्रतिवेदन से इस संबंध में स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। गड़बड़ी मिलने पर तथ्यों के आधार पर होगी पड़ताल सत्यापन के दौरान किसी रिकॉर्ड में विसंगति या दस्तावेजों से संबंधित गड़बड़ी सामने आती है, तो उसकी प्रामाणिकता की जांच करना महत्वपूर्ण होगा। अनियमितता की पुष्टि होने पर संबंधित नियमों के तहत कार्रवाई की जा सकती है। हालांकि, HRMS रिकॉर्ड की जांच का आदेश जारी होने मात्र से किसी शिक्षक या शिक्षकेतर कर्मी के प्रमाणपत्रों में गड़बड़ी अथवा गलत दस्तावेजों के आधार पर नौकरी करने की पुष्टि नहीं होती है। इस संबंध में किसी निष्कर्ष पर पहुंचने के लिए दस्तावेजों के सत्यापन और जांच के परिणाम सामने आना जरूरी है। 22 अक्टूबर तक सौंपनी है रिपोर्ट दोनों समितियों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर जांच पूरी कर प्रतिवेदन देना है। रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगा कि किन अभिलेखों का सत्यापन किया गया और जांच में किसी प्रकार की अनियमितता सामने आई या नहीं। किशनगंज में शिक्षा विभाग ने शिक्षकों, प्रधानाध्यापकों और शिक्षकेतर कर्मचारियों के मानव संसाधन प्रबंधन प्रणाली (HRMS) पोर्टल पर दर्ज रिकॉर्ड के सत्यापन का आदेश जारी किया है। 12 अक्टूबर 2026 को जारी आदेश के तहत जांच के लिए दो समितियों का गठन किया गया है। दोनों समितियों को 22 अक्टूबर तक सत्यापन पूरा कर जांच प्रतिवेदन सौंपने का निर्देश दिया गया है। जिले के कार्यालयों और स्कूलों के रिकॉर्ड की होगी जांच विभागीय आदेश के अनुसार, जिले के विभिन्न कार्यालयों और स्कूलों में कार्यरत कर्मचारियों के HRMS पोर्टल पर दर्ज रिकॉर्ड का सत्यापन किया जाएगा। इस प्रक्रिया का उद्देश्य पोर्टल पर उपलब्ध जानकारी की प्रामाणिकता और सही स्थिति का पता लगाना है। प्रमाणपत्रों की जांच होगी या नहीं, स्थिति स्पष्ट नहीं फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि सत्यापन केवल HRMS पोर्टल पर दर्ज विवरण तक सीमित रहेगा या इसमें शैक्षणिक प्रमाणपत्रों और नियुक्ति से जुड़े दस्तावेजों की भी जांच की जाएगी। समितियों की जांच प्रक्रिया और अंतिम प्रतिवेदन से इस संबंध में स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। गड़बड़ी मिलने पर तथ्यों के आधार पर होगी पड़ताल सत्यापन के दौरान किसी रिकॉर्ड में विसंगति या दस्तावेजों से संबंधित गड़बड़ी सामने आती है, तो उसकी प्रामाणिकता की जांच करना महत्वपूर्ण होगा। अनियमितता की पुष्टि होने पर संबंधित नियमों के तहत कार्रवाई की जा सकती है। हालांकि, HRMS रिकॉर्ड की जांच का आदेश जारी होने मात्र से किसी शिक्षक या शिक्षकेतर कर्मी के प्रमाणपत्रों में गड़बड़ी अथवा गलत दस्तावेजों के आधार पर नौकरी करने की पुष्टि नहीं होती है। इस संबंध में किसी निष्कर्ष पर पहुंचने के लिए दस्तावेजों के सत्यापन और जांच के परिणाम सामने आना जरूरी है। 22 अक्टूबर तक सौंपनी है रिपोर्ट दोनों समितियों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर जांच पूरी कर प्रतिवेदन देना है। रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगा कि किन अभिलेखों का सत्यापन किया गया और जांच में किसी प्रकार की अनियमितता सामने आई या नहीं।

