त्योहारी सीजन के दौरान आम जनता को शुद्ध और सुरक्षित खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराने के उद्देश्य से स्वास्थ्य विभाग तरनतारन ने खाद्य सुरक्षा अभियान तेज कर दिया है। जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. सुखबीर कौर की अगुवाई में टीम ने 13 और 14 अक्टूबर को जिले के विभिन्न कस्बों में मिठाइयों की दुकानों और खाद्य निर्माण इकाइयों की आकस्मिक जांच की। जांच टीम ने तरनतारन शहर सहित घुरकविंद, चुंग, अमरकोट और भिखीविंड इलाकों में सघन चेकिंग अभियान चलाया। चेकिंग के दौरान 5 किलोग्राम खराब और बदबूदार गुलाबी चमचम मिठाई पाई गई, जिसे मौके पर ही नष्ट करवाया गया। टीम ने हल्दी, पनीर, बेसन की बर्फी, फेनियों के आटे और देशी घी के कुल 7 सैंपल भरकर जांच के लिए स्टेट फूड लैब खरड़ भेजे। स्वच्छता के मानकों में कमियां पाए जाने पर 3 खाद्य प्रतिष्ठानों को सुधार नोटिस जारी किए गए। इस अभियान की टीम में जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. सुखबीर कौर के साथ फूड सेफ्टी अधिकारी अश्वनी कुमार और साक्षी खोसला भी मुख्य रूप से शामिल रहे। कारोबारियों को कड़े निर्देश स्वास्थ्य विभाग की टीम ने दुकानदारों और खाद्य कारोबारियों को FSSAI (भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण) द्वारा मंजूर किए गए रंगों का ही इस्तेमाल करने की सख्त हिदायत दी। इसके साथ ही निर्माण प्रक्रिया में केवल साफ पानी का उपयोग करने।खाद्य पदार्थों को सुरक्षित और उचित तापमान पर भंडारित करने। काम करने वाले कर्मचारियों की व्यक्तिगत स्वच्छता का ध्यान रखने के निर्देश दिए गए। अस्वच्छ व खुले खाद्य पदार्थों से परहेज करने की अपील डॉ. सुखबीर कौर ने आम जनता से अपील की है कि वे त्योहारों के दौरान मिठाइयां व अन्य सामान खरीदते समय पूरी सावधानी बरतें। उन्होंने लोगों को खुले में रखी, अस्वच्छ और बदबूदार मिठाइयों से परहेज करने तथा केवल लाइसेंस प्राप्त व साफ-सुथरी दुकानों से ही सामान खरीदने की सलाह दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिले में खाद्य पदार्थों की निगरानी लगातार जारी रहेगी। यदि कोई कारोबारी मिलावटी या असुरक्षित खाद्य पदार्थ बेचता पाया गया, तो उसके खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 (FSSAI) के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

