सहरसा के सफाईकर्मियों को 2018 से अटका एरियर मिला:छह महीने के आंदोलन के बाद दशहरा से पहले खाते में पहुंची बकाया राशि

सहरसा के सफाईकर्मियों को 2018 से अटका एरियर मिला:छह महीने के आंदोलन के बाद दशहरा से पहले खाते में पहुंची बकाया राशि

दशहरा के पावन त्योहार से ठीक पहले सहरसा नगर निगम के सफाईकर्मियों के घरों में दोहरी खुशियों ने दस्तक दी है। वर्ष 2018 से प्रशासनिक फाइलों में अटका सफाईकर्मियों का एरियर आखिरकार बुधवार को उनके खातों में पहुंच गया। पिछले छह वर्षों से अपने हक की प्रतीक्षा और बीते छह महीनों से जारी संगठित आंदोलन के बाद मिले इस आर्थिक संबल से कर्मचारियों के चेहरों पर वर्षों की थकान की जगह संतोष और मुस्कान नजर आई। नगर निगम सभागार में इस भुगतान प्रक्रिया के निष्पादन के दौरान नगर आयुक्त प्रभात कुमार झा, उपमहापौर गुड्डू हयात, मुख्य रोकड़पाल एवं निगम के अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे। ”हमारी एकजुटता और प्रशासन के सकारात्मक रुख की जीत” वर्ष 2018 से लंबित इस एरियर के भुगतान को लेकर सफाईकर्मी लगातार आवाज उठा रहे थे। पिछले छह महीनों से कुशल कुमार उर्फ ‘गब्बर’ के नेतृत्व में कर्मियों ने चरणबद्ध तरीके से अपनी मांग को लेकर आंदोलन जारी रखा था। भुगतान होने के बाद सफाईकर्मी ओमप्रकाश मलिक ने कहा, “हम बीते छह महीने से गब्बर भाई के नेतृत्व में संघर्ष कर रहे थे। त्योहार से ठीक पहले प्रशासन द्वारा बकाया राशि जारी करने से हम सभी बेहद खुश हैं। यह हमारी एकजुटता और प्रशासन के सकारात्मक रुख की जीत है। वहीं, लंबे समय से अपनी आवाज बुलंद कर रहीं सफाईकर्मी मीना देवी भावुक नजर आईं। उन्होंने कहा, पिछले छह महीनों से लगातार एरियर भुगतान के लिए प्रयास कर रहे थे। अधिकारों के प्रति संवेदनशीलता का परिचय दिया बुधवार को जब खाते में राशि आई, तो लगा कि मेहनत का फल मिल गया। दशहरा से पहले यह पैसा मिलने से बच्चों के त्योहार की तैयारियां अब बिना किसी चिंता के हो सकेंगी। नगर आयुक्त प्रभात कुमार झा ने कहा कि 2018 से लंबे समय से अटके मामलों के त्वरित निष्पादन की दिशा में एक अहम पहल की गयी और 290 सफाई कर्मियों का एरियर का भुगतान किया गया है। शहर को स्वच्छ और सुंदर बनाए रखने में सफाईकर्मियों की भूमिका रीढ़ की हड्डी के समान है। ऐसे में त्योहार के मुहाने पर वर्षों पुराने एरियर का निपटारा कर निगम प्रशासन ने कर्मचारियों के श्रम और उनके अधिकारों के प्रति संवेदनशीलता का परिचय दिया है। जानकारों का मानना है कि नगर आयुक्त प्रभात कुमार झा के मार्गदर्शन और उपमहापौर गुड्डू हयात की तत्परता से इस जटिल और वर्षों पुराने वित्तीय मामले का शांतिपूर्ण समाधान निकल सका, जिससे कर्मचारियों और प्रशासन के बीच विश्वास का माहौल और मजबूत हुआ है। त्योहार की उमंग के साथ भविष्य की उम्मीदें दशहरा से ठीक पहले मिली इस राहत ने सफाईकर्मियों के परिवारों को त्योहार की खरीदारी और अन्य पारिवारिक खर्चों के लिए बड़ा संबल दिया है। हालांकि, कर्मचारियों ने यह उम्मीद भी जताई कि जिस तरह प्रशासन ने इस बार संवेदनशीलता दिखाई है, भविष्य में भी वेतन, भत्ते और अन्य लाभों के लिए उन्हें लंबे संघर्ष और आंदोलन का रास्ता न चुनना पड़े, बल्कि समय पर उनका देय अधिकार मिलता रहे। फिलहाल, सहरसा में यह घटनाक्रम श्रमिकों के धैर्य, उनके जायज संघर्ष और प्रशासन की समयबद्ध संवेदनशीलता का एक सकारात्मक उदाहरण बनकर उभरा है। दशहरा के पावन त्योहार से ठीक पहले सहरसा नगर निगम के सफाईकर्मियों के घरों में दोहरी खुशियों ने दस्तक दी है। वर्ष 2018 से प्रशासनिक फाइलों में अटका सफाईकर्मियों का एरियर आखिरकार बुधवार को उनके खातों में पहुंच गया। पिछले छह वर्षों से अपने हक की प्रतीक्षा और बीते छह महीनों से जारी संगठित आंदोलन के बाद मिले इस आर्थिक संबल से कर्मचारियों के चेहरों पर वर्षों की थकान की जगह संतोष और मुस्कान नजर आई। नगर निगम सभागार में इस भुगतान प्रक्रिया के निष्पादन के दौरान नगर आयुक्त प्रभात कुमार झा, उपमहापौर गुड्डू हयात, मुख्य रोकड़पाल एवं निगम के अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे। ”हमारी एकजुटता और प्रशासन के सकारात्मक रुख की जीत” वर्ष 2018 से लंबित इस एरियर के भुगतान को लेकर सफाईकर्मी लगातार आवाज उठा रहे थे। पिछले छह महीनों से कुशल कुमार उर्फ ‘गब्बर’ के नेतृत्व में कर्मियों ने चरणबद्ध तरीके से अपनी मांग को लेकर आंदोलन जारी रखा था। भुगतान होने के बाद सफाईकर्मी ओमप्रकाश मलिक ने कहा, “हम बीते छह महीने से गब्बर भाई के नेतृत्व में संघर्ष कर रहे थे। त्योहार से ठीक पहले प्रशासन द्वारा बकाया राशि जारी करने से हम सभी बेहद खुश हैं। यह हमारी एकजुटता और प्रशासन के सकारात्मक रुख की जीत है। वहीं, लंबे समय से अपनी आवाज बुलंद कर रहीं सफाईकर्मी मीना देवी भावुक नजर आईं। उन्होंने कहा, पिछले छह महीनों से लगातार एरियर भुगतान के लिए प्रयास कर रहे थे। अधिकारों के प्रति संवेदनशीलता का परिचय दिया बुधवार को जब खाते में राशि आई, तो लगा कि मेहनत का फल मिल गया। दशहरा से पहले यह पैसा मिलने से बच्चों के त्योहार की तैयारियां अब बिना किसी चिंता के हो सकेंगी। नगर आयुक्त प्रभात कुमार झा ने कहा कि 2018 से लंबे समय से अटके मामलों के त्वरित निष्पादन की दिशा में एक अहम पहल की गयी और 290 सफाई कर्मियों का एरियर का भुगतान किया गया है। शहर को स्वच्छ और सुंदर बनाए रखने में सफाईकर्मियों की भूमिका रीढ़ की हड्डी के समान है। ऐसे में त्योहार के मुहाने पर वर्षों पुराने एरियर का निपटारा कर निगम प्रशासन ने कर्मचारियों के श्रम और उनके अधिकारों के प्रति संवेदनशीलता का परिचय दिया है। जानकारों का मानना है कि नगर आयुक्त प्रभात कुमार झा के मार्गदर्शन और उपमहापौर गुड्डू हयात की तत्परता से इस जटिल और वर्षों पुराने वित्तीय मामले का शांतिपूर्ण समाधान निकल सका, जिससे कर्मचारियों और प्रशासन के बीच विश्वास का माहौल और मजबूत हुआ है। त्योहार की उमंग के साथ भविष्य की उम्मीदें दशहरा से ठीक पहले मिली इस राहत ने सफाईकर्मियों के परिवारों को त्योहार की खरीदारी और अन्य पारिवारिक खर्चों के लिए बड़ा संबल दिया है। हालांकि, कर्मचारियों ने यह उम्मीद भी जताई कि जिस तरह प्रशासन ने इस बार संवेदनशीलता दिखाई है, भविष्य में भी वेतन, भत्ते और अन्य लाभों के लिए उन्हें लंबे संघर्ष और आंदोलन का रास्ता न चुनना पड़े, बल्कि समय पर उनका देय अधिकार मिलता रहे। फिलहाल, सहरसा में यह घटनाक्रम श्रमिकों के धैर्य, उनके जायज संघर्ष और प्रशासन की समयबद्ध संवेदनशीलता का एक सकारात्मक उदाहरण बनकर उभरा है।  

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