बड़वानी जिला ‘जयस’ (जय आदिवासी युवा शक्ति) ने भोपाल के रोशनपुरा चौराहे पर आदिवासी छात्र कार्यकर्ताओं के साथ हुए दुर्व्यवहार और ‘जय जोहार’ अभिवादन के अपमान के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। संगठन ने बुधवार को मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन सौंपकर मामले की निष्पक्ष जांच और दोषी पुलिस अधिकारी पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। बड़वानी एसपी दफ्तर में थाना प्रभारी बलजीत सिंह बिसेन ने यह ज्ञापन लिया। जयस का आरोप है कि 13 अक्टूबर 2026 को भोपाल में गोंडवाना स्टूडेंट्स यूनियन (GSU) के सीएम हाउस घेराव प्रदर्शन के दौरान ड्यूटी पर तैनात एक इंस्पेक्टर रैंक के अफसर ने छात्रों से अभद्रता की, अश्लील गालियां दीं और उन्हें जबरन पुलिस वाहन में ठूंसकर हिरासत में ले लिया। फुटेज खंगालकर एफआईआर दर्ज करने की मांग ज्ञापन में जयस ने शासन-प्रशासन से मांग की है कि घटना से जुड़े वीडियो, सीसीटीवी (CCTV) फुटेज, ड्यूटी रजिस्टर और अन्य दस्तावेजों की बारीकी से जांच कर आरोपी अधिकारी की पहचान की जाए। जांच में दोषी पाए जाने पर संबंधित अधिकारी के खिलाफ अनुसूचित जाति-जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम समेत सख्त धाराओं में एफआईआर दर्ज की जाए। हिरासत में लिए गए छात्र कार्यकर्ताओं के साथ किए गए बर्ताव और हिरासत की कानूनी वैधता की जांच कर उसकी रिपोर्ट लिखित में दी जाए। 24 घंटे का दिया अल्टीमेटम जयस कार्यकर्ताओं ने साफ किया है कि वे इस मामले में 24 घंटे के भीतर प्रारंभिक कार्रवाई की उम्मीद कर रहे हैं। संगठन ने चेतावनी दी है कि अगर समय रहते उचित कार्रवाई नहीं की गई, तो वे शांत नहीं बैठेंगे और मानवाधिकार आयोग, एससी-एसटी आयोग और अदालत का दरवाजा खटखटाएंगे।

