हरियाणवी लोक गायक व रागनी कलाकार विकास पासौरिया ने कहा कि गौ वंश ने बुजुर्गों को पाल दिया और आज गौ वंश की हालत सभी को दिख रही है। आज आधुनिकता के साथ खेती की जा रही है, मशीनों से खेती हो रही है, पहले तो गाय घर में ही रहती थी। मशीनी युग में गौवंशों के यह हालत है, इसलिए गोशाला की जरूरत पड़ी है। बता दें कि भिवानी के गांव कुसुंभी की श्री श्याम गोशाला में सत्संग एवं प्रसाद वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान गांव में 80 वर्ष की उम्र से बड़े बुजुर्गों को भी सम्मानित किया गया। जिसमें कलाकार विकास पासौरिया पहुंचे। उन्होंने कहा कि ऐसी गोशालाएं हर गांव में होनी चाहिए, जिससे कि ये गौवंश बेसहारा ना रहें और इनकी देखभाल अच्छे से हो जाए। विकास पासौरिया ने कहा कि रागनी तो जन्म से परम गति तक रास्ते को बताती हैं। बीच में तो कुछ व्यापारी लोगों ने रागनी का नाम बदनाम कर दिया। उन्होंने व्यापार कर दिया। गऊ सेवा व माता-पिता तथा बुजुर्गों की सेवा जीवन जीने की कला जो रागनियों के माध्यम से हमारे बुजुर्गों ने बताई, उससे श्रेष्ठ पूरी दुनिया में नहीं है। यह समझदार लोगों का संगीत है। उन्होंने कहा कि हमारे समाज में पढ़ाई अंग्रेजों की तरह हो रखी है, खाना-पीना व पहनावा भी अंग्रेजों की तरह किया जा रहा है। तो जीवन शैली सनातन की तरह नहीं हो सकती। इसके लिए शुरू से ही तैयार करना पड़ेगा। दादा लख्मीचंद का ज्ञान नई पीढ़ी की समझ के लिहाज से कठिन
उन्होंने कहा कि दादा लख्मीचंद का जो ज्ञान है, वह नई पीढ़ी की समझ के लिहाज से थोड़ा कठिन हो रखा है पढ़ाई की वजह से। पहले के कवि रविदास व सूरदास को भी लोग ऐसे ही सुनता था, जैसे आज दादा लख्मीचंद को सुनता है। वह भाषा जनमानस को समझ आती थी। धीरे-धीरे वे कम हो गए, क्योंकि समय-समय पर बदलाव आता रहता है। दादा लख्मीचंद की भाषा आज के लोगों को समझ नहीं आती। ज्ञान हो वही और शब्दावली हो जो आज के युवा का समझ आए। उस ज्ञान को सरल करना पड़ेगा, जब समझ आएगा। गौशाला में शेड बनवाने में जुटी कमेटी
श्री श्याम गोशाला कुसुंभी के सचिव जितेंद्र भारद्वाज ने कहा कि गौशाला में हवन, सत्संग व प्रसाद वितरण का कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिसमें आसपास के करीब 10-12 गांवों के लोग पहुंचे। उन्होंने कहा कि वे श्री श्याम गोशाला में शेड बनवाने के लिए जुटे हुए हैं। उन्होंने कहा कि गौशाला के शेड के लिए लोगों से भी सहयोग लिया जा रहा है। जल्दी ही यह कार्य पूरा होगा। साथ ही सरकार से भी सरकारी सहायता लेने के लिए आवेदन किया जाएगा। इस दौरान राजस्थान गौरक्षा दल प्रदेश अध्यक्ष राजू बुहाना, बीडीसी मेंबर रमेश कुमार, गोशाला के प्रधान खेमचंद शर्मा, उप प्रधान अजय उर्फ सोनू, खजानची मास्टर रविंद्र, शुभम गौ रक्षक, संजय शर्मा, राजल मालवास, राजकुमार मणिया, सोनू मालवासिया, सम्राट मालवासिया, मुकेश शर्मा, कृष्ण शर्मा, मनोज शर्मा, मोनू शर्मा, रोशन वर्मा आदि उपस्थित रहे।

