बूंदी जिला अस्पताल के डॉक्टरों ने जन्म के सिर्फ 24 घंटे बाद एक नवजात को नया जीवन दिया है। बच्चे के शरीर में बिलीरुबिन का स्तर खतरनाक रूप से बढ़ गया था, जिससे उसकी जान को खतरा था। दौलतपुरा रामनगर निवासी मनभर और रोहित बंजारा के नवजात का शरीर जन्म के कुछ घंटों बाद ही पीला पड़ने लगा। परिजन उसे लेकर जिला अस्पताल पहुंचे, जहां जांच में बिलीरुबिन का स्तर जानलेवा पाया गया। रक्तदान कर मासूम की जान बचाई
प्रमुख चिकित्सा अधिकारी डॉ. गोविंद गुप्ता और उप नियंत्रक डॉ. आर.के. काबरा ने तुरंत कार्रवाई की। शिशु रोग विभागाध्यक्ष डॉ. दीक्षा शोक, डॉ. पंकज शर्मा और डॉ. जी.एस. कुशवाह की टीम ने एक्सचेंज ट्रांसफ्यूजन की जटिल प्रक्रिया को सफलतापूर्वक पूरा किया।
बूंदी ब्लड बैंक प्रभारी नारायण सिंह हाड़ा की सूचना पर मानवेन्द्र सिंह हाड़ा और कमल शर्मा ने रक्तदान कर मासूम की जान बचाई। नवजात की हालत में तेजी से हुआ सुधार
सफल रक्त विनिमय के बाद नवजात की हालत में तेजी से सुधार हुआ है। अब उसका पीलापन खत्म हो गया है और वह पूरी तरह से स्थिर है। डॉक्टरों की निगरानी में उसे एसएनसीयू वार्ड में रखा गया है।
अपने बच्चे को नया जीवन मिलता देख परिजनों की आंखों में खुशी के आंसू हैं। उन्होंने पूरे अस्पताल प्रशासन, सीनियर डॉक्टर्स, रेजिडेंट डॉक्टरों की टीम और दोनों रक्तदाताओं का आभार जताया है।

