इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर चुके जोधपुर के 26 साल के युवा केतन त्रिवेदी अब अध्यात्म की राह पर है। त्रिवेदी अब धर्म नगरी नैमिषारण्य में 12 से 18 नवंबर तक श्रीमद्भागवत कथा सप्ताह से इसकी शुरुआत करेंगे। आज के समय में युवा जहां बड़ी नौकरी और बड़े पैकेज की तलाश में रहते हैं। वहीं केतन ने इन सब को छोड़कर अध्यात्म का मार्ग अपनाया है। इस मौके पर दैनिक भास्कर ने उनसे खास बातचीत की। पूरा परिवार पहले से ही अध्यात्म से जुड़ा इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने के बाद अध्यात्म की राह में आने के सवाल पर केतन ने बताया कि उनके लिए सौभाग्य की बात है। एक अच्छी नौकरी को छोड़कर गुरुजनों की आज्ञा से मुझे कथा कहने का सौभाग्य प्राप्त हो रहा है। मेरे लिए इस जीवन की सबसे बड़ी उपलब्धि है। इंजीनियरिंग को छोड़कर इस फील्ड को ही क्यों चुना इस सवाल पर उन्होंने कहा कि उनका पूरा परिवार पहले से ही अध्यात्म से जुड़ा हुआ है। भौतिक जीवन जीने के साथ ही ब्राह्मण कुल से होने की वजह से भी हमारे लिए आध्यात्मिक जीवन महत्वपूर्ण है। युवाओं को नशे से दूर रहने के लिए कर रहे कार्यक्रम आज की युवा पीढ़ी में नशे की बढ़ती लत को लेकर उन्होंने कहा कि वह पिछले कई सालों से युवाओं को नशे से दूर रहने के लिए अलग-अलग मंचों के जरिए कार्यक्रम कर रहे हैं। 3 साल पहले भी उन्होंने उद्घोष कार्यक्रम के जारी युवाओं को नशा छोड़ने का संकल्प दिलाया था, जिससे प्रभावित होकर कई युवा नशा छोड़ चुके हैं। आगे भी इसी तरह का अभियान जारी रहेगा, जिससे कि युवाओं को नशे की लत से बचाया जा सकें।

