20 किलोमीटर लंबी नेउरा-दनियावां रेल परियोजना पूरी:अब पटना को बाईपास कर बिहार शरीफ-शेखपुरा के रास्ते चलेंगी मालगाड़ियां, रेल संरक्षा आयुक्त ने दी स्वीकृति

20 किलोमीटर लंबी नेउरा-दनियावां रेल परियोजना पूरी:अब पटना को बाईपास कर बिहार शरीफ-शेखपुरा के रास्ते चलेंगी मालगाड़ियां, रेल संरक्षा आयुक्त ने दी स्वीकृति

पूर्व मध्य रेल के दानापुर मंडल अंतर्गत बहुप्रतीक्षित 20 किलोमीटर लंबे नेउरा-जटडुमरी नए रेलखंड पर ट्रेनों के सुरक्षित परिचालन का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया है। रेल संरक्षा आयुक्त ने तकनीकी व सुरक्षा मानकों की जांच के बाद इस नवर्निमित ट्रैक पर नियमित ट्रेन संचालन की आधिकारिक स्वीकृति प्रदान कर दी है। इसके साथ ही नेउरा-दनियावां नई रेल लाइन परियोजना पूरी तरह धरातल पर उतर गई है। सीआरएस द्वारा बीते 8 अक्टूबर को इस खंड का गहन तकनीकी निरीक्षण किया गया था। इस दौरान ट्रैक की मजबूती, सिग्नलिंग प्रणाली और संरक्षा मानकों को परखने के लिए 120 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से सफल स्पीड ट्रायल किया गया। परीक्षण के सभी मापदंडों पर खरा उतरने के बाद आयुक्त ने ट्रेनों के परिचालन को मंजूरी दी। दो चरणों में पूरी हुई 42 किमी लंबी परियोजना मुख्य जनसंपर्क अधिकारी सरस्वती चन्द्र ने बताया कि 42 किलोमीटर लंबी महत्वाकांक्षी नेउरा-दनियावां रेल लाइन परियोजना का निर्माण दो चरणों में किया गया है। प्रथम चरण में 22.74 किलोमीटर लंबे जटडुमरी से दनियावां रेलखंड का कार्य पहले ही पूरा कर उस पर परिचालन शुरू किया जा चुका था। अब दूसरे चरण के तहत शेष 20 किलोमीटर लंबे जटडुमरी से नेउरा रेलखंड का निर्माण और संरक्षा जांच पूर्ण होने से पूरी परियोजना अब सीधे परिचालन नेटवर्क से जुड़ गई है। पटना को बाईपास कर सीधे निकलेंगी मालगाड़ियां इस रेलखंड के चालू होने का सबसे बड़ा लाभ व्यस्त दानापुर-पटना-किउल मुख्य लाइन को मिलेगा। अब मालगाड़ियों को व्यस्त पटना जंक्शन से होकर नहीं गुजरना पड़ेगा। मालगाड़ियां सीधे नेउरा से मुड़कर दनियावां, बिहारशरीफ, बरबीघा और शेखपुरा होते हुए किउल की ओर निकल सकेंगी। इस बाईपास रूट के तैयार होने से दानापुर-पटना-किउल-झाझा रेलखंड पर ट्रैफिक का अतिरिक्त दबाव समाप्त होगा। मालगाड़ियों के इस नए रूट पर शिफ्ट होने से मुख्य रेल लाइन पर कंजेशन घटेगा, जिससे वर्तमान यात्री ट्रेनों की समयबद्धता बेहतर होगी और भविष्य में नए पैसेंजर व एक्सप्रेस ट्रेनों के परिचालन के लिए पर्याप्त ट्रैक क्षमता उपलब्ध हो सकेगी। पूर्व मध्य रेल के दानापुर मंडल अंतर्गत बहुप्रतीक्षित 20 किलोमीटर लंबे नेउरा-जटडुमरी नए रेलखंड पर ट्रेनों के सुरक्षित परिचालन का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया है। रेल संरक्षा आयुक्त ने तकनीकी व सुरक्षा मानकों की जांच के बाद इस नवर्निमित ट्रैक पर नियमित ट्रेन संचालन की आधिकारिक स्वीकृति प्रदान कर दी है। इसके साथ ही नेउरा-दनियावां नई रेल लाइन परियोजना पूरी तरह धरातल पर उतर गई है। सीआरएस द्वारा बीते 8 अक्टूबर को इस खंड का गहन तकनीकी निरीक्षण किया गया था। इस दौरान ट्रैक की मजबूती, सिग्नलिंग प्रणाली और संरक्षा मानकों को परखने के लिए 120 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से सफल स्पीड ट्रायल किया गया। परीक्षण के सभी मापदंडों पर खरा उतरने के बाद आयुक्त ने ट्रेनों के परिचालन को मंजूरी दी। दो चरणों में पूरी हुई 42 किमी लंबी परियोजना मुख्य जनसंपर्क अधिकारी सरस्वती चन्द्र ने बताया कि 42 किलोमीटर लंबी महत्वाकांक्षी नेउरा-दनियावां रेल लाइन परियोजना का निर्माण दो चरणों में किया गया है। प्रथम चरण में 22.74 किलोमीटर लंबे जटडुमरी से दनियावां रेलखंड का कार्य पहले ही पूरा कर उस पर परिचालन शुरू किया जा चुका था। अब दूसरे चरण के तहत शेष 20 किलोमीटर लंबे जटडुमरी से नेउरा रेलखंड का निर्माण और संरक्षा जांच पूर्ण होने से पूरी परियोजना अब सीधे परिचालन नेटवर्क से जुड़ गई है। पटना को बाईपास कर सीधे निकलेंगी मालगाड़ियां इस रेलखंड के चालू होने का सबसे बड़ा लाभ व्यस्त दानापुर-पटना-किउल मुख्य लाइन को मिलेगा। अब मालगाड़ियों को व्यस्त पटना जंक्शन से होकर नहीं गुजरना पड़ेगा। मालगाड़ियां सीधे नेउरा से मुड़कर दनियावां, बिहारशरीफ, बरबीघा और शेखपुरा होते हुए किउल की ओर निकल सकेंगी। इस बाईपास रूट के तैयार होने से दानापुर-पटना-किउल-झाझा रेलखंड पर ट्रैफिक का अतिरिक्त दबाव समाप्त होगा। मालगाड़ियों के इस नए रूट पर शिफ्ट होने से मुख्य रेल लाइन पर कंजेशन घटेगा, जिससे वर्तमान यात्री ट्रेनों की समयबद्धता बेहतर होगी और भविष्य में नए पैसेंजर व एक्सप्रेस ट्रेनों के परिचालन के लिए पर्याप्त ट्रैक क्षमता उपलब्ध हो सकेगी।  

​

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *