Ravidas Malhotra Statement:समाजवादी पार्टी के विधायक रविदास मल्होत्रा के एक तीखे बयान ने उत्तर प्रदेश की राजनीति में नई गर्माहट पैदा कर दी है। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट उन्हें पद से हटा सकता है। मल्होत्रा ने आरोप लगाया कि मुख्य चुनाव आयुक्त के लगातार फैसले गलत हैं, जिनमें बेईमानी, अनियमितता और वोट चोरी शामिल है।
मल्होत्रा के आरोप
सपा विधायक रविदास मल्होत्रा ने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त ने बिना अधिकार के निर्धारित फॉर्म-6 में बदलाव किया और अपनी शक्तियों का दुरुपयोग किया। हम भरोसा करते हैं कि सुप्रीम कोर्ट इस मामले में फैसला करेगा, मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ आदेश जारी करेगा और उन्हें पद छोड़ने के लिए मजबूर करेगा।
उन्होंने आगे बताया कि इंडिया गठबंधन और समाजवादी पार्टी ने संयुक्त रूप से सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है। इसमें मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने और एसआईआर (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) पर रोक लगाने की मांग की गई है। मल्होत्रा ने दावा किया कि हम सुप्रीम कोर्ट से न्याय पाने को लेकर आश्वस्त हैं। मुख्य चुनाव आयुक्त पद से हटेंगे और भाजपा सरकार द्वारा वोट चोरी, बेईमानी और धोखाधड़ी के जरिए चुनाव जीतने के लगातार प्रयासों को रोका जाएगा। देश में निष्पक्ष चुनाव सिर्फ सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में ही संभव हैं।
इंडिया गठबंधन की बैठक पर सपा सांसद का बयान
दिल्ली में इंडिया गठबंधन की बैठक को लेकर सपा सांसद अवधेश प्रसाद ने कहा कि जो चर्चाएं हो रही हैं, वे राष्ट्रीय हित में हैं। देश, संविधान, आरक्षण और लोकतंत्र के हित में हैं। रणनीति के और विवरण हमारे अन्य नेता बताएंगे।
राजनीतिक प्रतिक्रिया
सपा नेता के इस बयान ने विपक्षी खेमे में चर्चा बढ़ा दी है। पार्टी इसे चुनावी प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ संघर्ष बता रही है। वहीं, सत्ताधारी पक्ष की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। चुनाव आयोग के फैसलों पर विपक्ष के आरोप और सुप्रीम कोर्ट में याचिका ने पूरे मामले को कानूनी और राजनीतिक दोनों मोर्चों पर गरमा दिया है। रविदास मल्होत्रा के बयान के बाद उत्तर प्रदेश की सियासत में एक बार फिर चुनावी प्रक्रिया और चुनाव आयोग की भूमिका पर बहस तेज होने की संभावना है।

