धान खरीद की शर्तों का विरोध, सड़कों पर उतरेंगे किसान:करनाल में मीटिंग कर लिया फैसला, सभी मार्केट कमेटियों में करेंगे तालाबंदी

धान खरीद की शर्तों का विरोध, सड़कों पर उतरेंगे किसान:करनाल में मीटिंग कर लिया फैसला, सभी मार्केट कमेटियों में करेंगे तालाबंदी

धान की खरीद में आ रही परेशानियों के विरोध में किसान 14 अक्टूबर को हरियाणा की सभी मार्केट कमेटियों पर प्रदर्शन करेंगे और तालाबंदी करेंगे। संयुक्त किसान मोर्चा हरियाणा के आह्वान पर होने वाले इस विरोध प्रदर्शन में भारतीय किसान यूनियन हरियाणा के किसान भी शामिल होंगे। ये फैसला आज करनाल में बैठक करने के बाद लिया गया है। तालाबंदी सुबह 11 बजे से दोपहर 2 बजे तक की जाएगी। किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि प्रदेश सरकार ने उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया तो तालाबंदी के बाद आंदोलन की अगली रणनीति घोषित की जाएगी। किसान भवन में हुई भाकियू की बैठक इस आंदोलन की तैयारियों को लेकर भारतीय किसान यूनियन हरियाणा की बैठक करनाल स्थित किसान भवन में आयोजित की गई। बैठक में धान खरीद के दौरान किसानों को हो रही परेशानियों पर चर्चा की गई। भाकियू के प्रदेश अध्यक्ष रतन मान ने कहा कि धान की खरीद सही तरीके से नहीं होने के कारण किसान परेशान हैं। इसके विरोध में प्रदेशभर की मार्केट कमेटियों में प्रदर्शन कर तालाबंदी करने का फैसला लिया गया है। खरीद पर शर्तें लगाने से किसान परेशान रतन मान ने कहा कि धान की सही तरीके से खरीद नहीं होने के साथ भाजपा सरकार ने खरीद प्रक्रिया में कई तरह की शर्तें लगा रखी हैं। इससे किसानों को नुकसान उठाना पड़ रहा है और उनकी मुश्किलें बढ़ गई हैं। उन्होंने कहा कि किसानों को अपनी फसल बेचने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसी के विरोध में संयुक्त किसान मोर्चा हरियाणा ने प्रदेशभर की मार्केट कमेटियों में तालाबंदी का आह्वान किया है। सरकार नहीं मानी तो आंदोलन बढ़ाएंगे किसान नेताओं ने स्पष्ट किया कि 14 अक्टूबर को सुबह 11 बजे से दोपहर 2 बजे तक विरोध प्रदर्शन और तालाबंदी की जाएगी। यदि सरकार ने धान खरीद से जुड़ी समस्याओं का समाधान नहीं किया तो किसान आंदोलन को आगे बढ़ाने का फैसला लेंगे। तालाबंदी के बाद आंदोलन की आगामी रणनीति की घोषणा की जाएगी। बैठक में भाकियू के उत्तरी हरियाणा प्रभारी महताब कादयान, प्रदेश संगठन सचिव श्याम सिंह मान, प्रवक्ता सुरेंद्र सांगवान और किसान सभा के अशोक अरोड़ा सहित कई किसान नेता मौजूद रहे।

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