सलूंबर नवरात्रि और दीपावली के त्योहारों से पहले खाद्य पदार्थों में मिलावट पर अंकुश लगाने के लिए खाद्य सुरक्षा विभाग ने कार्रवाई तेज कर दी है।जिले में चलाए जा रहे ‘शुद्ध आहार, मिलावट पर वार’अभियान के तहत खाद्य सुरक्षा दल ने एक मिष्ठान प्रतिष्ठान का निरीक्षण किया। इस दौरान डीप फ्रीजर में रखा करीब 1300 किलो मावा मिला। मावे में मिलावट की आशंका के चलते विभागीय टीम ने सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे। वहीं, मौके पर मिला 15 किलो दूषित मावा और मावे से बनी मिठाइयों को नष्ट कराया गया। जिला कलेक्टर मोहम्मद जुनैद पी.पी.,अभिहित अधिकारी (खाद्य सुरक्षा) एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के निर्देशन में खाद्य सुरक्षा दल ने एक मिष्ठान भंडार का निरीक्षण किया। कार्रवाई के दौरान प्रतिष्ठान में बड़ी मात्रा में मावा डीप फ्रीजर में रखा मिला। खाद्य सुरक्षा दल ने मावे की गुणवत्ता को लेकर मिलावट की आशंका के आधार पर नमूने लिए। 15 किलो दूषित मावा और मिठाइयां नष्ट कराईं निरीक्षण के दौरान टीम को 15 किलो दूषित मावा और मावे से बनी मिठाइयां मिलीं। इन्हें मौके पर ही नष्ट कराया गया,ताकि दूषित खाद्य सामग्री लोगों तक नहीं पहुंचे। इसके साथ ही प्रतिष्ठान से फलाहारी नमकीन का नमूना भी लिया गया। खाद्य सुरक्षा विभाग के अनुसार,मावे और नमकीन के नमूनों को जांच के लिए जन स्वास्थ्य प्रयोगशाला भेजा जाएगा।प्रयोगशाला की रिपोर्ट आने के बाद खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम,2006 के प्रावधानों के तहत आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी। त्योहारों पर मिलावट रोकने के लिए अभियान जारी डॉ. महेंद्र कुमार परमार ने बताया कि त्योहारों के दौरान खाद्य पदार्थों की मांग बढ़ने के मद्देनजर ‘शुद्ध आहार, मिलावट पर वार’ अभियान के तहत निरीक्षण और नमूनीकरण की कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। उन्होंने खाद्य कारोबारियों से वैध खाद्य अनुज्ञा पत्र प्राप्त करने के बाद ही कारोबार करने की अपील की। उन्होंने स्पष्ट किया कि बिना वैध खाद्य अनुज्ञा पत्र के खाद्य सामग्री का क्रय-विक्रय,निर्माण, परिवहन और संग्रहण करना गैरकानूनी है।आमजन के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस कार्रवाई में खाद्य सुरक्षा अधिकारी निशा मीणा और सहायक शूरवीर सिंह मौजूद रहे।

