करौली में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने मंगलवार को ‘ट्रांसफॉर्मेटिव ट्यूजडे’ कार्यक्रम के तहत 13 स्कूलों में विधिक जागरूकता शिविर लगाए। इनमें विद्यार्थियों को कानूनी अधिकार, बाल संरक्षण, सुरक्षित स्कूल का माहौल और मुफ्त कानूनी सहायता पाने का तरीका बताया गया। राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर के निर्देश पर ये शिविर करौली, हिण्डौन, सपोटरा, नादौती और टोडाभीम के स्कूलों में हुए। इनका मकसद बच्चों को कानून और उनकी सुरक्षा से जुड़े मुद्दों की जानकारी देना था। सम्मानजनक माहौल में शिक्षा का अधिकार बताया
बच्चों को सुरक्षित और सम्मानजनक माहौल में शिक्षा का अधिकार बताया गया। सुरक्षित भवन, साफ शौचालय, पीने का पानी और खेल मैदान जैसी स्कूल सुविधाएं भी समझाई गईं। निःशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 के प्रावधानों से भी अवगत कराया गया। उन्हें समझाया गया कि सुरक्षा मानकों की अनदेखी या अधिकारों का उल्लंघन होने पर शिकायत की जा सकती है। मुफ्त कानूनी सहायता के लिए नालसा की हेल्पलाइन 15100 की जानकारी भी दी गई।

