अंबाला के धूलकोट में बिल्डिंग हादसे के बाद नगर निगम ने अवैध निर्माणों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है। मंगलवार को धूलकोट के वार्ड नंबर 13 में एक आवासीय/व्यावसायिक भवन को सील कर दिया गया। नगर निगम आयुक्त वीरेंद्र सिंह सहरावत की ओर से जारी सीलिंग आदेश में भवन को बिना स्वीकृत बिल्डिंग प्लान के निर्मित बताया गया है। निगम ने भवन मालिक नीलम जग्गी को सील से छेड़छाड़ नहीं करने और बिना अनुमति भवन में प्रवेश नहीं करने के निर्देश दिए हैं। नगर निगम के 13 अक्टूबर 2026 के सीलिंग आदेश के अनुसार, संबंधित भवन को लेकर पहले 3 अगस्त 2026 को मेमो नंबर MCA/BI/268 के माध्यम से नोटिस जारी किया गया था। नोटिस का जवाब नहीं मिलने पर निगम ने अगली कार्रवाई करते हुए भवन को सील करने का आदेश जारी किया। आदेश में हरियाणा नगर निगम अधिनियम, 1994 की धारा 263(1) का हवाला दिया गया है। सील से छेड़छाड़ पर कार्रवाई की चेतावनी निगम के आदेश में स्पष्ट किया गया है कि भवन मालिक नीलम जग्गी या उनका कोई प्रतिनिधि बिना जरूरी अनुमति के भवन में प्रवेश नहीं करेगा और न ही कार्यालय की ओर से लगाई गई सील को तोड़ेगा या उसके साथ छेड़छाड़ करेगा। आदेश का उल्लंघन करने पर नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है। धूलकोट में हाल ही में हुए बिल्डिंग हादसे के बाद अवैध निर्माण और भवनों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठे हैं। ऐसे में निगम की इस कार्रवाई को अहम माना जा रहा है। हालांकि, सील किए गए भवन और हादसे वाली बिल्डिंग के बीच किसी प्रत्यक्ष संबंध की पुष्टि नोटिस से नहीं होती है। धूलकोट में बिल्डिंग का लेंटर गिरने से 7 मजदूरों की हुई थी मौत अंबाला के धूलकोट में 27 सितंबर को निर्माणाधीन तीन मंजिला बिल्डिंग का लेंटर गिरने से बड़ा हादसा हुआ था। हादसे में 7 मजदूरों की मौत हो गई थी, जबकि 10 से 12 मजदूर घायल हुए थे। घटना के बाद बिल्डिंग निर्माण की सुरक्षा और नियमों के पालन को लेकर सवाल उठे थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच के लिए एसआईटी गठित की गई थी। अब नगर निगम ने अवैध निर्माणों के खिलाफ सख्ती दिखाते हुए धूलकोट के वार्ड नंबर 13 में बिना स्वीकृत बिल्डिंग प्लान के बने एक भवन को सील किया है।

