बुगी के पापा, कहां चले गए। बात तो कीजिए ना, जवाब क्यों नहीं दे रहे हैं।’ पति के ताबूत के सामने खड़ी पूजा कुमारी की इस चीख ने पुलिस लाइन में मौजूद हर शख्स की आंखें नम कर दीं। पति को खोने का गम और दो बच्चों के भविष्य की चिंता उनके आंसुओं में साफ झलक रही थी।वह बार-बार अपने पति को पुकार रही थीं, लेकिन अब जवाब देने के लिए समीर कुमार इस दुनिया में नहीं थे। किशनगंज में डायल 112 की ERV में तैनात सिपाही समीर कुमार की सर्विस रिवॉल्वर से गोली मारकर आत्महत्या करने के मामले में टाउन थाना में यूडी केस दर्ज किया गया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर घटना की जांच शुरू कर दी है। फिलहाल पुलिस को एफएसएल और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतजार है। इन रिपोर्टों के आधार पर मामले की जांच को आगे बढ़ाया जाएगा। पुलिस के अनुसार, सिपाही समीर कुमार की मौत से जुड़े मामले में आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है। घटनास्थल से जुड़े साक्ष्यों की जांच और अन्य जरूरी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए पुलिस मामले की पड़ताल कर रही है। एफएसएल रिपोर्ट से मिल सकते हैं अहम सुराग घटना के कारणों का पता लगाने के लिए पुलिस वैज्ञानिक साक्ष्यों और पोस्टमार्टम रिपोर्ट को महत्वपूर्ण मान रही है। एफएसएल रिपोर्ट से घटनास्थल पर मिले साक्ष्यों की जांच में मदद मिलने की उम्मीद है। 10 माह पूर्व भी महिला कांस्टेबल की हुई थी मौत दरअसल, किशनगंज सदर थाना क्षेत्र में पुलिसकर्मी की मौत का यह कोई पहला मामला नहीं है। इससे ठीक 10 महीने पहले बीते साल 9 दिसंबर 2025 को सदर थाना क्षेत्र के डुमरिया भट्टा में एक महिला कांस्टेबल का शव किराए के मकान में संदिग्ध परिस्थितियों में फंदे से लटका मिला था। मृतका की पहचान नालंदा जिले के इस्लामपुर निवासी 27 वर्षीय प्रियंका कुमारी के रूप में हुई थी, जो सदर थाना में रिजर्व गार्ड के रूप में तैनात थीं। उस वक्त भी फॉरेंसिक टीम ने मौके से साक्ष्य जुटाए थे और पुलिस आत्महत्या के बिंदु पर ही मामले की तफ्तीश कर रही थी। बुगी के पापा, कहां चले गए। बात तो कीजिए ना, जवाब क्यों नहीं दे रहे हैं।’ पति के ताबूत के सामने खड़ी पूजा कुमारी की इस चीख ने पुलिस लाइन में मौजूद हर शख्स की आंखें नम कर दीं। पति को खोने का गम और दो बच्चों के भविष्य की चिंता उनके आंसुओं में साफ झलक रही थी।वह बार-बार अपने पति को पुकार रही थीं, लेकिन अब जवाब देने के लिए समीर कुमार इस दुनिया में नहीं थे। किशनगंज में डायल 112 की ERV में तैनात सिपाही समीर कुमार की सर्विस रिवॉल्वर से गोली मारकर आत्महत्या करने के मामले में टाउन थाना में यूडी केस दर्ज किया गया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर घटना की जांच शुरू कर दी है। फिलहाल पुलिस को एफएसएल और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतजार है। इन रिपोर्टों के आधार पर मामले की जांच को आगे बढ़ाया जाएगा। पुलिस के अनुसार, सिपाही समीर कुमार की मौत से जुड़े मामले में आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है। घटनास्थल से जुड़े साक्ष्यों की जांच और अन्य जरूरी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए पुलिस मामले की पड़ताल कर रही है। एफएसएल रिपोर्ट से मिल सकते हैं अहम सुराग घटना के कारणों का पता लगाने के लिए पुलिस वैज्ञानिक साक्ष्यों और पोस्टमार्टम रिपोर्ट को महत्वपूर्ण मान रही है। एफएसएल रिपोर्ट से घटनास्थल पर मिले साक्ष्यों की जांच में मदद मिलने की उम्मीद है। 10 माह पूर्व भी महिला कांस्टेबल की हुई थी मौत दरअसल, किशनगंज सदर थाना क्षेत्र में पुलिसकर्मी की मौत का यह कोई पहला मामला नहीं है। इससे ठीक 10 महीने पहले बीते साल 9 दिसंबर 2025 को सदर थाना क्षेत्र के डुमरिया भट्टा में एक महिला कांस्टेबल का शव किराए के मकान में संदिग्ध परिस्थितियों में फंदे से लटका मिला था। मृतका की पहचान नालंदा जिले के इस्लामपुर निवासी 27 वर्षीय प्रियंका कुमारी के रूप में हुई थी, जो सदर थाना में रिजर्व गार्ड के रूप में तैनात थीं। उस वक्त भी फॉरेंसिक टीम ने मौके से साक्ष्य जुटाए थे और पुलिस आत्महत्या के बिंदु पर ही मामले की तफ्तीश कर रही थी।

