पंजाब पुलिस की कंट्री इंटेलिजेंस विंग में तैनात एएसआई (ASI) इकबाल सिंह का सोमवार को उनके पैतृक गांव तरनतारन के नौशेरा पन्नू (नौशेरा पन्नुआं) में पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार कर दिया गया। रविवार शाम को मोटरसाइकिल पर घर लौट रहे एएसआई को दो अज्ञात नकाबपोश हमलावरों ने गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया था। इस सनसनीखेज वारदात से पूरे इलाके और पीड़ित परिवार में गम व दहशत का माहौल है। उनके अंतिम संस्कार में पुलिस के उच्चाधिकारियों के अलावा राजनैतिक हस्तियां भी मौजूद रहीं। पूर्व रेल राज्य मंत्री भाजना रवनीत सिंह बिट्टू के साथ भाजपा की पूरा जिला संगठन मौके पर पहुंचा और परिवार के साथ उनके शोक में शामिल हुआ। अंतिम संस्कार में शीर्ष पुलिस अधिकारी रहे मौजूद सोमवार को सिविल अस्पताल तरनतारन में पोस्टमॉर्टम के बाद एएसआई इकबाल सिंह का पार्थिव शरीर उनके पैतृक गांव लाया गया। राजकीय सम्मान के तहत पंजाब पुलिस की स्पेशल टीम ने उन्हें अंतिम सलामी दी। इस दौरान डीजीपी एएस राय, फिरोजपुर रेंज के डीआईजी स्नेहदीप शर्मा और एसएसपी सुरेंद्र लांबा सहित कई वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौजूद रहे। घटना के तुरंत बाद ही डीआईजी स्नेहदीप शर्मा अन्य अधिकारियों के साथ मौके पर पहुंच गए थे, और इस मामले में पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
रवनीत सिंह बिट्टू ने परिवार से मिलकर जताया दुख भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू नौशेरा पन्नू पहुंचे और शोकसंतप्त परिवार से मिलकर गहरी संवेदना व्यक्त की। इस दौरान तरनतारन विधानसभा क्षेत्र की पूरी भाजपा लीडरशिप भी उनके साथ मौजूद थी। कानून-व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल रवनीत सिंह बिट्टू ने एएसआई इकबाल सिंह की हत्या को बेहद दुखद करार देते हुए निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की मांग की है, जिससे पीड़ित परिवार को समय पर न्याय मिल सके। साथ ही, उन्होंने राज्य की कानून-व्यवस्था की स्थिति पर भी तीखे सवाल उठाए। तरनतारन विधानसभा क्षेत्र से भाजपा इंचार्ज हरजीत सिंह संधू ने राज्य में लगातार बढ़ रही हत्याओं, जबरन वसूली और गैंगस्टर संस्कृति से जुड़ी आपराधिक वारदातों पर गहरी चिंता जाहिर की। उन्होंने जोर देकर कहा कि नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है। भाजपा नेताओं का कहना है कि पंजाब की शांति, सांप्रदायिक सद्भाव और आम जनता की सुरक्षा सर्वोपरि है। सरकार को ऐसी घटनाओं पर रोक लगाने के लिए एक ठोस रणनीति तैयार करनी चाहिए और अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई में किसी भी तरह की ढिलाई नहीं बरतनी चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी वारदातों की पुनरावृत्ति न हो सके।

