दिल्ली मार्च में राहुलगांधी ने दीपेंद्र को उतारा:सोशल मीडिया पर ट्रोल-कितना अनादर सहेंगे दीपेंद्र, कांग्रेस बोली-भीड़ को बठाने खास सांसदों को नीचे भेजा

दिल्ली मार्च में राहुलगांधी ने दीपेंद्र को उतारा:सोशल मीडिया पर ट्रोल-कितना अनादर सहेंगे दीपेंद्र, कांग्रेस बोली-भीड़ को बठाने खास सांसदों को नीचे भेजा

दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग को लेकर विपक्षी दलों के ‘INDIA’ गठबंधन के सुप्रीम कोर्ट मार्च के दौरान कांग्रेस सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा को राहुल गांधी ने नीचे उतार दिया। जिसका एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और अनवैरिफाइड अकाउंट्स से दीपेंद्र को ट्रोल किया जा रहा है। हालांकि रथ पर राहुल गांधी के सामने खड़े गुरुग्राम के कांग्रेस ग्रामीण जिलाध्यक्ष और राहुल गांधी टीम के सदस्य वर्धन राव ने भाजपा के आईटी सेल का भ्रामक दुष्प्रचार करार दिया है। सोशल मीडिया पर ट्रोल
वीडियो के वायरल होते ही सोशल मीडिया पर कांग्रेस और हुड्डा परिवार को ट्रोल करना शुरू कर दिया है। एक्स पर पोस्ट की जा रही हैं कि कांग्रेस के भीतर अंदरूनी कलह और वरिष्ठ नेताओं का अपमान करने की संस्कृति एक बार फिर उजागर हो गई है। ‘अपनी ही पार्टी में और कितना अनादर सहेंगे दीपेंद्र?’ वहीं, भाजपा नेताओं का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट मार्च के दौरान राहुल गांधी ने सरेआम दीपेंद्र हुड्डा को गाड़ी से बाहर धकेल दिया। उन्होंने सवाल उठाया कि अपनी ही पार्टी में दीपेंद्र हुड्डा और कितना अपमान और अनादर सहेंगे? जनता के बीच खुद को बड़ा नेता बताने वाले हुड्डा की उनके शीर्ष नेतृत्व के सामने क्या यही हैसियत है? वर्धन राव का पलटवार: ‘जबरन उतारने का कोई मैटर ही नहीं
दूसरी ओर, इस पूरे विवाद को लेकर राहुल गांधी के बेहद नजदीकी माने जाने वाले और गुरुग्राम की बादशाहपुर विधानसभा सीट से चुनाव लड़ चुके कांग्रेस नेता वर्धन राव ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। वर्धन राव ने बताया कि वे खुद उस समय रथ में राहुल गांधी के बिल्कुल सामने खड़े थे और पूरी स्थिति के चश्मदीद हैं। वर्धन राव ने कहा, “दीपेंद्र हुड्डा को जबरन धक्का देकर रथ से उतारने की बात में रत्ती भर भी सच्चाई नहीं है। भाजपा का आईटी सेल बिना किसी तथ्य के इस वीडियो को तोड़-मरोड़कर सोशल मीडिया पर दुष्प्रचार फैला रहा है।” उन्होंने बताई रथ पर हुई बातचीत
वर्धन राव ने पूरी घटनाक्रम के बारे बताया कि वे राहुल गांधी के बेहद करीब थे और उन्हें वहां हो रही सारी बातचीत साफ सुनाई दे रही थी। उन्होंने बताया, “दरअसल, मार्च के दौरान रथ की छत से सभी विपक्षी नेताओं द्वारा जनता और कार्यकर्ताओं को संबोधित किया जाना तय हुआ था। जब रथ आगे बढ़ा तो वहां बहुत बड़ी संख्या में भीड़ जुटने लगी। ऐसे में सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखने के लिए राहुल गांधी ने अपने तीन सबसे भरोसेमंद और करीबी सांसदों—हरियाणा से दीपेंद्र सिंह हुड्डा, पंजाब से राजा अमरिंदर सिंह वडिंग और उत्तर प्रदेश से इमरान प्रतापगढ़ी को जिम्मेदारी सौंपी कि जो हजारों की भीड़ सामने खड़ी है, उन्हें व्यवस्थित करके नीचे बैठा दें ताकि मंच की कार्यवाही को सुचारू रूप से शुरू किया जा सके। दीपेंद्र हुड्डा इसी संगठनात्मक जिम्मेदारी को पूरा करने के लिए रथ से नीचे उतरे थे, न कि उन्हें राहुल गांधी ने धक्का दिया था। उनका कहना है कि पार्टी के भीतर दीपेंद्र हुड्डा का कद बेहद मजबूत है और चुनाव आयोग के खिलाफ उनके इस बड़े आंदोलन की सफलता से घबराकर भाजपा अब फर्जी वीडियो के सहारे जनता को गुमराह करने की नाकाम कोशिश कर रही है। कांग्रेस पूरी तरह से एकजुट होकर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करती रहेगी।

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