लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत तय समय-सीमा में आवेदनों का निराकरण नहीं करने पर कलेक्टर प्रतिभा पाल ने नायब तहसीलदार समेत चार अधिकारियों-कर्मचारियों पर जुर्माना लगाया है। इनमें तीन पंचायत सचिव शामिल हैं। पहले भी कार्यालयीन पत्रों के जरिए निर्देश दिए गए थे, लेकिन इसके बावजूद लापरवाही सामने आने पर यह कार्रवाई की गई। नायब तहसीलदार पर 500 रुपए का जुर्माना जारी आदेश के मुताबिक, जैसीनगर तहसील के बिलहरा में पदस्थ नायब तहसीलदार शिवपुरोहित गौतम के राजस्व विभाग से संबंधित आरसीएमएस प्रकरण में दो दिन की देरी पाई गई। इस पर प्रतिदिन 250 रुपए के हिसाब से 500 रुपए का जुर्माना लगाया गया है। तीन पंचायत सचिवों पर भी कार्रवाई ग्राम पंचायत मंसूरबावरी, जनपद पंचायत देवरी के सचिव धीरज गौड़ पर एक दिन की देरी के लिए 250 रुपए का जुर्माना लगाया गया है। वहीं, ग्राम पंचायत खारमउ, जनपद पंचायत बंडा की सचिव प्रियंका मिश्रा के दो प्रकरणों में एक-एक दिन की देरी मिलने पर 500 रुपए का जुर्माना लगाया गया। ग्राम पंचायत झिरिया, जनपद पंचायत केसली के सचिव राजू अहिरवार के दो प्रकरणों में समय-सीमा का पालन नहीं करने पर भी 500 रुपए का जुर्माना लगाया गया है। तीन दिन में जमा करनी होगी जुर्माने की राशि आदेश में संबंधित अधिकारियों-कर्मचारियों को जुर्माने की राशि चालान के माध्यम से निर्धारित मद में जमा करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही, चालान की एक प्रति तीन दिन के भीतर संबंधित कार्यालय में प्रस्तुत करनी होगी। लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत नागरिकों को निर्धारित समय-सीमा में सेवाएं उपलब्ध कराना अनिवार्य है। लापरवाही मिलने पर संबंधित अधिकारियों-कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

