मतदाता सूची की SIR प्रक्रिया और ‘वोट चोरी’ के आरोपों के विरोध में सोमवार को इंडिया अलायंस ने दिल्ली में संसद से सुप्रीम कोर्ट तक पैदल मार्च निकाला। इस प्रदर्शन में समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव प्रमुख भूमिका में नजर आए। हाल के दिनों में कांग्रेस और सपा के बीच दिख रही दूरियों के कयासों को इस मार्च के दौरान विराम मिलता दिखा। जब अखिलेश यादव मार्च में पहुंचे, तो कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने खुद उनका हाथ पकड़ा और अपनी खुली बस पर साथ बिठाया। वहीं, तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने अखिलेश को देखते ही आगे बढ़कर उन्हें गले लगा लिया।
लखनऊ की तय बैठक रद्द कर पहुंचे दिल्ली अखिलेश यादव का सोमवार को लखनऊ में पार्टी के सांसदों और वरिष्ठ नेताओं के साथ आगामी चुनावों को लेकर बैठक का पूर्व निर्धारित कार्यक्रम था। लेकिन जैसे ही राहुल गांधी की ओर से सुप्रीम कोर्ट तक मार्च का ऐलान हुआ, अखिलेश ने लखनऊ के अपने सभी राजनीतिक कार्यक्रम रद्द कर दिए। वे सुबह केवल डॉ. राम मनोहर लोहिया की जयंती पर लोहिया पार्क पहुंचे, उन्हें श्रद्धांजलि दी और वहीं से सीधे दिल्ली के लिए रवाना हो गए। आइसा अध्यक्ष से काफी देर तक की बातचीत बाराखंबा रोड से निकली खुली बस में राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, तेजस्वी यादव, तेलंगाना के सीएम रेवंत रेड्डी, कर्नाटक के डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार और आइसा (AISA) अध्यक्ष नेहा बोरा समेत तमाम प्रमुख विपक्षी नेता मौजूद थे। मार्च के दौरान हालिया प्रदर्शनों से सुर्खियों में आईं नेहा बोरा और अखिलेश यादव के बीच काफी देर तक बातचीत होती दिखी। इस दौरान नेहा ने प्रदर्शन के समय अपने हाथ में लगी चोट भी सपा प्रमुख को दिखाई। ‘जहां बैठेंगे, वही जंतर-मंतर बन जाएगा’ मीडिया से बातचीत करते हुए अखिलेश यादव ने केंद्र सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा- ‘जंतर-मंतर को प्रदर्शन स्थल से हटा देने या बंद कर देने से जनता का विरोध करने का अधिकार खत्म नहीं होता। लोकतंत्र में हम अपनी बात रखने के लिए जहां भी बैठेंगे, वही धरने की जगह बन जाएगी। जगह बदलने से हमारा संघर्ष नहीं रुकने वाला।’ अखिलेश ने आगे कहा कि जो लोग कमजोर होते हैं, वही पुलिस को आगे करते हैं, क्योंकि वे जानते हैं कि वे गलत हैं। चुनाव आयोग-बीजेपी पर लगाए गंभीर आरोप अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) चुनाव आयोग के साथ मिलकर देश के संविधान और लोकतंत्र को खत्म करने की साजिश रच रही है ताकि हमेशा सत्ता में बनी रहे। ‘जंतर-मंतर प्रतिबंधित करना सरकार की हार’ मार्च खत्म होने के बाद अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर पोस्ट कर सरकार पर तंज कसा। उन्होंने लिखा, ‘जंतर-मंतर को शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक प्रदर्शन के लिए प्रतिबंधित करना बीजेपी सरकार की सबसे बड़ी हार है। शुक्र मनाइए कि प्रदर्शन के लिए किसी भूमिगत जगह पर जाने को नहीं कहा गया, जहां बीजेपी और उनके संगी-साथी अपनी गुप्त बैठकें करते हैं।’ उन्होंने आगे सुझाव देते हुए लिखा कि जनाक्रोश से डरने के बजाय सरकार को ‘लोक कल्याण मार्ग’ पर ही प्रदर्शन के लिए जगह दे देनी चाहिए, ताकि आम जनता की आवाज सीधे सर्वोच्च सत्ता तक पहुंचे और समस्याओं का तुरंत समाधान निकले। ————- ये भी पढ़ें- ओवैसी के टारगेट पर पूर्वांचल की 37 सीटें:2022 में बिना तैयारी लड़े तो आजमगढ़ में 3% वोट मिले; क्या सपा को नुकसान होगा सपा से गठबंधन नहीं होने के बाद अब असदुद्दीन ओवैसी की नजर उन मुस्लिम बहुल सीटों पर है, जो सपा का गढ़ मानी जाती हैं। 11 अक्टूबर को ओवैसी आजमगढ़ में लोगों के बीच रहे। इससे पहले मुरादाबाद में भी जनसभा कर चुके हैं। 2027 विधानसभा चुनाव में इसका क्या असर हो सकता है, पढ़िए रिपोर्ट…

