दिल्ली के जंतर मंतर पर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे छात्रों पर दिल्ली पुलिस ने लाठीचार्ज किया। कार्रवाई के खिलाफ एआईएसएफ ने कैंटीन चौक पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला दहन किया गया। पुतला दहन करते हुए एआईएसएफ के राष्ट्रीय सचिव अमीन हमजा ने कहा कि देश में वोट देने के अधिकार को छीनने की साजिश मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार लगातार कर रहे हैं। वोट चोरी के माध्यम से ही बिहार, बंगाल और केंद्र में भी भाजपा की सरकार बनाई गई है। उन्होंने कहा कि अब इस वोट चोरी का पर्दाफाश हो चुका है और जब इस देश का छात्र-नौजवान अधिकार की सुरक्षा के लिए देश की राजधानी जाता है तो सरकार आंदोलन को कुचलने के लिए तमाम रेलगाड़ियों को बंद कर देती है। दिल्ली के 50 से अधिक मेट्रो स्टेशन बंद कर दिए गए, बसों को रास्ते में रोक दिया गया। हर राज्य में इस आंदोलन का नेतृत्व करने वाले आंदोलनकारी को डिटेन कर लिया गया। यह दिखाता है कि किस प्रकार से इस देश की सरकार। इस देश का मुख्य चुनाव आयुक्त खुले आम लोकतंत्र की हत्या कर रहा है। सरकार लोकतंत्र को लाठियों से कुचलना चाहती एआईएसएफ बिहार राज्य कार्यकारिणी के सदस्य अमरेश कुमार ने कहा कि इस देश की सरकार लोकतंत्र को लाठियों से कुचलना चाहती है। वह चाहती है कि हम वोट चोरी करके हमेशा सत्ता पर बने रहे। उसको एआईएसएफ कभी बर्दाश्त नहीं करेगा। हमारा संगठन लोकतंत्र बचाने की लड़ाई अब सड़कों पर लड़ेगा। जिला सचिव सत्यम भारद्वाज एवं जिला अध्यक्ष कैसर रेहान ने कहा कि इस देश में वोट चोरी के खिलाफ एआईएसएफ सड़कों पर लड़ रहा है। दिल्ली में भी वोट चोरी के खिलाफ आंदोलन का नेतृत्व एआईएसएफ के साथी कर रहे हैं। शांतिपूर्ण आंदोलन करने वाले सैकड़ों कार्यकर्ताओं को दिल्ली में बर्बरतापूर्वक पीटा गया। आंदोलन जारी रहेगा एआईएसएफ के राष्ट्रीय महासचिव दिनेश सिरंगराज को भी दिल्ली पुलिस ने डिटेन कर लिया। उनके साथ बेरहमी से मारपीट की गई। यह दिखाता है कि सरकार पुलिस का इस्तेमाल कर आंदोलन को कुचलना चाह रही है। हम इसके विरुद्ध लड़ाई जारी रखेंगे। जब तक मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा नहीं हो जाता, तब तक यह आंदोलन रुकने वाला नहीं है। पुतला दहन और प्रदर्शन में जिला सहसचिव सुमित कुमार, राजीव स्वराज, पूर्व जिला सचिव हसमत अली बालाजी, अंकित कुमार, विपिन कुमार, मोहम्मद जीशान, सुफियान, राजा, साहिल कुमार, सुमन कुमार, भोला कुमार सहित बड़ी संख्या में छात्र उपस्थित थे। दिल्ली के जंतर मंतर पर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे छात्रों पर दिल्ली पुलिस ने लाठीचार्ज किया। कार्रवाई के खिलाफ एआईएसएफ ने कैंटीन चौक पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला दहन किया गया। पुतला दहन करते हुए एआईएसएफ के राष्ट्रीय सचिव अमीन हमजा ने कहा कि देश में वोट देने के अधिकार को छीनने की साजिश मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार लगातार कर रहे हैं। वोट चोरी के माध्यम से ही बिहार, बंगाल और केंद्र में भी भाजपा की सरकार बनाई गई है। उन्होंने कहा कि अब इस वोट चोरी का पर्दाफाश हो चुका है और जब इस देश का छात्र-नौजवान अधिकार की सुरक्षा के लिए देश की राजधानी जाता है तो सरकार आंदोलन को कुचलने के लिए तमाम रेलगाड़ियों को बंद कर देती है। दिल्ली के 50 से अधिक मेट्रो स्टेशन बंद कर दिए गए, बसों को रास्ते में रोक दिया गया। हर राज्य में इस आंदोलन का नेतृत्व करने वाले आंदोलनकारी को डिटेन कर लिया गया। यह दिखाता है कि किस प्रकार से इस देश की सरकार। इस देश का मुख्य चुनाव आयुक्त खुले आम लोकतंत्र की हत्या कर रहा है। सरकार लोकतंत्र को लाठियों से कुचलना चाहती एआईएसएफ बिहार राज्य कार्यकारिणी के सदस्य अमरेश कुमार ने कहा कि इस देश की सरकार लोकतंत्र को लाठियों से कुचलना चाहती है। वह चाहती है कि हम वोट चोरी करके हमेशा सत्ता पर बने रहे। उसको एआईएसएफ कभी बर्दाश्त नहीं करेगा। हमारा संगठन लोकतंत्र बचाने की लड़ाई अब सड़कों पर लड़ेगा। जिला सचिव सत्यम भारद्वाज एवं जिला अध्यक्ष कैसर रेहान ने कहा कि इस देश में वोट चोरी के खिलाफ एआईएसएफ सड़कों पर लड़ रहा है। दिल्ली में भी वोट चोरी के खिलाफ आंदोलन का नेतृत्व एआईएसएफ के साथी कर रहे हैं। शांतिपूर्ण आंदोलन करने वाले सैकड़ों कार्यकर्ताओं को दिल्ली में बर्बरतापूर्वक पीटा गया। आंदोलन जारी रहेगा एआईएसएफ के राष्ट्रीय महासचिव दिनेश सिरंगराज को भी दिल्ली पुलिस ने डिटेन कर लिया। उनके साथ बेरहमी से मारपीट की गई। यह दिखाता है कि सरकार पुलिस का इस्तेमाल कर आंदोलन को कुचलना चाह रही है। हम इसके विरुद्ध लड़ाई जारी रखेंगे। जब तक मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा नहीं हो जाता, तब तक यह आंदोलन रुकने वाला नहीं है। पुतला दहन और प्रदर्शन में जिला सहसचिव सुमित कुमार, राजीव स्वराज, पूर्व जिला सचिव हसमत अली बालाजी, अंकित कुमार, विपिन कुमार, मोहम्मद जीशान, सुफियान, राजा, साहिल कुमार, सुमन कुमार, भोला कुमार सहित बड़ी संख्या में छात्र उपस्थित थे।

