पाकुड़ नगर परिषद में 2 करोड़ रुपए की सड़क योजना के चयन में नियमों का पालन न होने पर कुछ वार्ड पार्षदों ने नाराजगी जताई। नाराज 8 वार्ड पार्षदों ने अपने समर्थकों के साथ नगर परिषद कार्यालय के सामने धरना दिया। धरने में शामिल पार्षदों ने अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और नगर परिषद के अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी की। उन्होंने अध्यक्ष-उपाध्यक्ष को बर्खास्त करने और योजना चयन में हुई गड़बड़ी की जांच की मांग की। वार्ड पार्षद रूपाली सरकार, मो. असलम राजा हाड़ी, मिथुन मरांडी और किरण लाल कपड़ी समेत अन्य पार्षदों ने बताया कि 2 करोड़ रुपए की सड़क योजना के चयन में नियमों का पालन नहीं हुआ। कई बार आवेदन देने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई। पार्षदों ने मांग की है कि विभाग से राय मिलने तक 2 करोड़ रुपए की सड़क योजना से संबंधित समझौते, कार्य आदेश और आगे की कार्रवाई पर रोक लगे। साथ ही, स्थायी समिति से पास 11 वार्डों की योजनाओं की वैधता और नियमों के पालन की जांच हो। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर योजना का चयन नियमों के खिलाफ पाया जाता है, तो टेंडरों को रद्द कर सभी 21 वार्डों के लिए नियमों के हिसाब से दोबारा योजना चुनी जाए। मांगों पर कार्रवाई न होने पर वे अनिश्चितकालीन धरना, चक्का जाम और कार्यालय में तालाबंदी जैसे लोकतांत्रिक कार्यक्रम करेंगे। वही नगर परिषद के कई वार्ड पार्षदों ने बताया कि चयन में किसी प्रकार की नियमों की अनदेखी नहीं हुई है। जो भी वार्ड पार्षद अपने वार्ड से संबंधित सड़क को लेकर प्रस्ताव दिया था, वह प्रस्ताव पारित हुआ है। पाकुड़ नगर परिषद में 2 करोड़ रुपए की सड़क योजना के चयन में नियमों का पालन न होने पर कुछ वार्ड पार्षदों ने नाराजगी जताई। नाराज 8 वार्ड पार्षदों ने अपने समर्थकों के साथ नगर परिषद कार्यालय के सामने धरना दिया। धरने में शामिल पार्षदों ने अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और नगर परिषद के अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी की। उन्होंने अध्यक्ष-उपाध्यक्ष को बर्खास्त करने और योजना चयन में हुई गड़बड़ी की जांच की मांग की। वार्ड पार्षद रूपाली सरकार, मो. असलम राजा हाड़ी, मिथुन मरांडी और किरण लाल कपड़ी समेत अन्य पार्षदों ने बताया कि 2 करोड़ रुपए की सड़क योजना के चयन में नियमों का पालन नहीं हुआ। कई बार आवेदन देने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई। पार्षदों ने मांग की है कि विभाग से राय मिलने तक 2 करोड़ रुपए की सड़क योजना से संबंधित समझौते, कार्य आदेश और आगे की कार्रवाई पर रोक लगे। साथ ही, स्थायी समिति से पास 11 वार्डों की योजनाओं की वैधता और नियमों के पालन की जांच हो। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर योजना का चयन नियमों के खिलाफ पाया जाता है, तो टेंडरों को रद्द कर सभी 21 वार्डों के लिए नियमों के हिसाब से दोबारा योजना चुनी जाए। मांगों पर कार्रवाई न होने पर वे अनिश्चितकालीन धरना, चक्का जाम और कार्यालय में तालाबंदी जैसे लोकतांत्रिक कार्यक्रम करेंगे। वही नगर परिषद के कई वार्ड पार्षदों ने बताया कि चयन में किसी प्रकार की नियमों की अनदेखी नहीं हुई है। जो भी वार्ड पार्षद अपने वार्ड से संबंधित सड़क को लेकर प्रस्ताव दिया था, वह प्रस्ताव पारित हुआ है।

