कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के नेता आशुतोष रांका और सौरव दास सोमवार को जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने की तारीख मांगने के लिए संसद मार्ग थाने पहुंचे। थाने के बाहर संवाददाताओं से बात करते हुए कॉजपा नेताओं ने कहा कि वे पुलिस को 24 घंटे का अल्टीमेटम देंगे और अगर पुलिस ने तारीख नहीं दी तो वे प्रदर्शन के लिए फिर से आह्वान करेंगे। दोनों नेताओं के पहुंचने पर इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई और थाने के बाहर की सड़क बंद कर दी गई।
थाने के बाहर सार्वजनिक उद्घोषणा की गई, जिसमें लोगों से सुरक्षा प्रतिबंधों और निषेधाज्ञा का पालन करने, शांति बनाए रखने और बिना अनुमति के भीड़ इकट्ठा करने से बचने को कहा गया। रांका ने कहा, हम दिल्ली पुलिस से जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने के लिए तारीख मांगने जा रहे हैं। हमें उम्मीद है कि पुलिस हमें तारीख देगी।
अगर ऐसा नहीं हुआ तो हम 24 घंटे के अंदर फिर से प्रदर्शन का आह्वान करेंगे। राष्ट्रीय राजधानी में सुरक्षा प्रतिबंधों की आलोचना करते हुए रांका ने कहा कि इन व्यवस्थाओं का असर लोगों और कारोबारियों पर पड़ रहा है, खासकर तब जब त्योहार नजदीक आ रहे हैं। रांका ने कहा, दिल्ली पुलिस ने जिस तरह पूरी राष्ट्रीय राजधानी को बंद कर दिया है, ऐसा पहले कभी नहीं हुआ।
लोग परेशान हैं, कारोबार ठप हो गए हैं… त्योहार भी आने वाले हैं। आप हमें प्रदर्शन करने के लिए एक तय जगह क्यों नहीं देते? कॉजपा नेता सौरव दास ने कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना संवैधानिक अधिकार है।
उन्होंने पुलिस से प्रदर्शन के लिए तारीख और समय तय करने की अपील की। दास ने कहा, शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना एक अधिकार है, संवैधानिक अधिकार है और लोग पहले से ही इसका इस्तेमाल कर रहे हैं। लोग शांतिपूर्वक प्रदर्शन करेंगे।
पुलिस हमेशा शिकायत करती है कि हमें 10 दिन पहले उनसे संपर्क करना चाहिए। अब हम फैसला पुलिस पर छोड़ रहे हैं और उनसे तारीख और समय तय करने के लिए कह रहे हैं। हालांकि, हम उन्हें इस मामले को लंबित नहीं रखने देंगे।
हम उन्हें 24 घंटे का अल्टीमेटम देंगे। देखते हैं क्या होता है। जंतर-मंतर पर मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन करने के लिए कॉजपा की ओर से आह्वान किए जाने के बाद अधिकारियों ने राष्ट्रीय राजधानी में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए और प्रतिबंध लागू किए हैं।
शनिवार और रविवार को प्रदर्शनकारियों को जंतर-मंतर पहुंचने से रोक दिया गया। पुलिस ने कहा कि किसी भी प्रदर्शन के लिए अनुमति नहीं दी गई है। पिछले दो दिन में कॉजपा, विपक्षी दलों और छात्र संगठनों के नेताओं समेत हजारों प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया है।

