आज यानी 12 अक्टूबर को सितंबर के रिटेल महंगाई के आंकड़े जारी होंगे। एक्सपर्ट्स के अनुसार सितंबर में महंगाई 5% के पार रही होगी। खाने-पीने की चीजों के दाम बढ़ने से ऐसा हुआ होगा। इससे पहले अगस्त में रिटेल महंगाई 4.82% पर थी। महंगाई कैसे बढ़ती-घटती है? महंगाई का बढ़ना-घटना प्रोडक्ट की डिमांड-सप्लाई पर निर्भर करता है। अगर लोगों के पास पैसे ज्यादा होंगे तो वे ज्यादा चीजें खरीदेंगे। इससे चीजों की डिमांड बढ़ेगी और सप्लाई नहीं होने पर इनकी कीमत बढ़ेगी। वहीं अगर डिमांड कम होगी और सप्लाई ज्यादा तो महंगाई कम होगी। 5% महंगाई दर का क्या मतलब है? 1. तुलना पिछले साल से होती है (साल-दर-साल) जब हम कहते हैं कि सितंबर 2026 में महंगाई 5% है, तो इसका मतलब है कि हम इसकी तुलना सितंबर 2025 से कर रहे हैं। यह पूरे एक साल का बदलाव है। 5% एक औसत नंबर है जिसे ‘कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स’ कहते हैं। इसमें आपके जीवन की सैकड़ों चीजें शामिल हैं: 2. ₹100 की चीज अब ₹105 की हो गई इसका गणित बहुत सीधा है। अगर सितंबर 2025 में आपने कोई सामान जैसे राशन ₹100 में खरीदा था, तो वही सामान सितंबर 2026 में ₹105 का हो गया है। —————————————————————
सितंबर में 5% के पार रह सकती है महंगाई:खाने-पीने की चीजों के दाम बढ़ने का असर, अगस्त में ये 4.82% पर थी

