कार्तिक कल्पवास को लेकर सिमरिया धाम में तैयारियां तेज:मठ पीठ की ओर से श्रद्धालुओं के लिए शिविर लगाया जाएगा; 17 अक्टूबर से 23 नवंबर तक आयोजन

कार्तिक कल्पवास को लेकर सिमरिया धाम में तैयारियां तेज:मठ पीठ की ओर से श्रद्धालुओं के लिए शिविर लगाया जाएगा; 17 अक्टूबर से 23 नवंबर तक आयोजन

मिथिला की धार्मिक आस्था और सदियों पुरानी परंपरा से जुड़े कार्तिक कल्पवास को लेकर बेगूसराय के सिमरिया धाम में तैयारियां तेज हो गई हैं। गंगा नदी के पावन तट पर आयोजित होने वाले इस धार्मिक अनुष्ठान में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है। इसी कड़ी में मौनी बाबा पचाढ़ी मठ पीठ की ओर से भी श्रद्धालुओं के लिए विशेष शिविर लगाया जाएगा। अखिल भारतीय चतुर्थभुजी खालसा के नाम से आयोजित यह शिविर 17 अक्टूबर से 23 नवंबर तक चलेगा। मौनी बाबा पचाढ़ी मठ पीठ की ओर से मिथिलावासियों से सिमरिया धाम पहुंचकर कार्तिक कल्पवास में शामिल होने की अपील की गई है। कल्पवास के दौरान श्रद्धालु गंगा स्नान, पूजा-पाठ, जप-तप, ध्यान और भजन-कीर्तन के माध्यम से आध्यात्मिक साधना करेंगे। शिविर के माध्यम से श्रद्धालुओं को धार्मिक गतिविधियों से जुड़ने का अवसर मिलेगा। पीठ की ओर से शिविर में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए विशेष सुविधाएं उपलब्ध कराने की तैयारी की जा रही है। सिमरिया धाम को देशभर में पहचान दिलाने की पहल मौनी बाबा पचाढ़ी मठ पीठ की ओर से सिमरिया धाम के धार्मिक महत्व को व्यापक पहचान दिलाने पर जोर दिया जा रहा है। पीठ की अपील है कि जिस तरह हरिद्वार में गंगा तट पर बड़े स्तर पर धार्मिक आयोजन होते हैं, उसी तरह मिथिला के सिमरिया धाम को भी देशभर में विशिष्ट धार्मिक पहचान मिले। इसके लिए मिथिलावासियों से इस आयोजन में बढ़-चढ़कर भाग लेने और अपनी धार्मिक परंपराओं को आगे बढ़ाने का आह्वान किया गया है। आस्था और परंपरा का प्रतीक है कार्तिक कल्पवास सिमरिया धाम में कार्तिक कल्पवास मिथिला की आस्था, संस्कृति और धार्मिक विरासत से गहराई से जुड़ा हुआ है। गंगा तट पर रहकर पूजा-अर्चना और आध्यात्मिक साधना करने की परंपरा के कारण इस आयोजन का विशेष महत्व है। मौनी बाबा पचाढ़ी मठ पीठ के शिविर के आयोजन से श्रद्धालुओं को सामूहिक रूप से धार्मिक गतिविधियों में शामिल होने का अवसर मिलेगा। आयोजन को लेकर तैयारियां जारी हैं और श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर कार्तिक कल्पवास में भाग लेने की अपील की गई है। मिथिला की धार्मिक आस्था और सदियों पुरानी परंपरा से जुड़े कार्तिक कल्पवास को लेकर बेगूसराय के सिमरिया धाम में तैयारियां तेज हो गई हैं। गंगा नदी के पावन तट पर आयोजित होने वाले इस धार्मिक अनुष्ठान में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है। इसी कड़ी में मौनी बाबा पचाढ़ी मठ पीठ की ओर से भी श्रद्धालुओं के लिए विशेष शिविर लगाया जाएगा। अखिल भारतीय चतुर्थभुजी खालसा के नाम से आयोजित यह शिविर 17 अक्टूबर से 23 नवंबर तक चलेगा। मौनी बाबा पचाढ़ी मठ पीठ की ओर से मिथिलावासियों से सिमरिया धाम पहुंचकर कार्तिक कल्पवास में शामिल होने की अपील की गई है। कल्पवास के दौरान श्रद्धालु गंगा स्नान, पूजा-पाठ, जप-तप, ध्यान और भजन-कीर्तन के माध्यम से आध्यात्मिक साधना करेंगे। शिविर के माध्यम से श्रद्धालुओं को धार्मिक गतिविधियों से जुड़ने का अवसर मिलेगा। पीठ की ओर से शिविर में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए विशेष सुविधाएं उपलब्ध कराने की तैयारी की जा रही है। सिमरिया धाम को देशभर में पहचान दिलाने की पहल मौनी बाबा पचाढ़ी मठ पीठ की ओर से सिमरिया धाम के धार्मिक महत्व को व्यापक पहचान दिलाने पर जोर दिया जा रहा है। पीठ की अपील है कि जिस तरह हरिद्वार में गंगा तट पर बड़े स्तर पर धार्मिक आयोजन होते हैं, उसी तरह मिथिला के सिमरिया धाम को भी देशभर में विशिष्ट धार्मिक पहचान मिले। इसके लिए मिथिलावासियों से इस आयोजन में बढ़-चढ़कर भाग लेने और अपनी धार्मिक परंपराओं को आगे बढ़ाने का आह्वान किया गया है। आस्था और परंपरा का प्रतीक है कार्तिक कल्पवास सिमरिया धाम में कार्तिक कल्पवास मिथिला की आस्था, संस्कृति और धार्मिक विरासत से गहराई से जुड़ा हुआ है। गंगा तट पर रहकर पूजा-अर्चना और आध्यात्मिक साधना करने की परंपरा के कारण इस आयोजन का विशेष महत्व है। मौनी बाबा पचाढ़ी मठ पीठ के शिविर के आयोजन से श्रद्धालुओं को सामूहिक रूप से धार्मिक गतिविधियों में शामिल होने का अवसर मिलेगा। आयोजन को लेकर तैयारियां जारी हैं और श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर कार्तिक कल्पवास में भाग लेने की अपील की गई है।  

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