Election Commission of India: दिल्ली पुलिस की कार्रवाई को लेकर अभिजीत दीपके ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से एक सीधा सवाल पूछा है। उन्होंने पूछा कि आखिर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार इतने जरूरी क्यों हैं कि उनके लिए सरकार हर किसी से टकराने को तैयार है? दीपके ने अपनी पोस्ट में युवाओं, पत्रकारों और सांसदों के साथ कथित मारपीट का भी जिक्र किया है।
अभिजीत दीपके ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि दिल्ली पुलिस युवाओं, पत्रकारों और यहां तक कि सांसदों के साथ भी मारपीट कर रही है। इसी बात को उठाते हुए उन्होंने सवाल किया कि ज्ञानेश कुमार को लेकर सरकार का रुख इतना सख्त क्यों है।
उनकी पोस्ट का सीधा सवाल यह है कि आखिर ज्ञानेश कुमार को लेकर मोदी सरकार पर इतना दबाव क्यों है कि उसे हर तरफ से विरोध का सामना करना पड़ रहा है? हालांकि, यह दीपके का सवाल है। उनकी पोस्ट में कथित मारपीट की घटनाओं के बारे में अलग से कोई जानकारी नहीं दी गई है।
युवाओं से सांसदों तक का जिक्र क्यों?
अभिजीत दीपके ने अपनी पोस्ट में तीन वर्गों का नाम लिया है जिसमें युवा, पत्रकार और सांसद शामिल हैं। उनका आरोप है कि दिल्ली पुलिस इन लोगों के साथ मारपीट कर रही है। हालांकि, उन्होंने यह नहीं बताया कि ये घटनाएं कब और कहां हुईं, किन लोगों के साथ ऐसा हुआ और इस मामले में कोई शिकायत दर्ज कराई गई है या नहीं।
ज्ञानेश कुमार को लेकर पहले से क्यों है विवाद?
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर विपक्षी दल पहले भी सवाल उठाते रहे हैं। चुनाव प्रक्रिया और मतदाता सूची में बदलाव जैसे मुद्दों पर विपक्ष ने चुनाव आयोग की भूमिका पर आपत्ति जताई है। इसी वजह से ज्ञानेश कुमार और आयोग की कार्यशैली को लेकर राजनीतिक बहस जारी है।
इसी माहौल के बीच अभिजीत दीपके ने प्रधानमंत्री मोदी का नाम लेकर सवाल किया है कि ज्ञानेश कुमार को लेकर सरकार इतनी मजबूती से उनके साथ क्यों खड़ी दिखाई देती है।
हालांकि, उनकी पोस्ट में सरकार की मंशा को लेकर कोई सबूत नहीं दिया गया है। इसलिए इस सवाल को दिपके के आरोप और राजनीतिक राय के तौर पर ही देखा जाना चाहिए।
फिलहाल, इस पोस्ट पर सरकार या दिल्ली पुलिस की ओर से कोई जवाब सामने आने की जानकारी उपलब्ध नहीं है। अब देखना होगा कि इस सवाल पर कोई प्रतिक्रिया आती है या नहीं। वहीं, पुलिस पर लगाए गए आरोपों की सच्चाई संबंधित घटनाओं की जांच और सभी पक्षों के जवाब सामने आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

