अयोध्या में 185 जोड़ों ने थामा एक-दूजे का हाथ:एक मुस्लिम जोड़े का निकाह हुआ, शादी के खर्च की चिंता से मिली राहत

अयोध्या में 185 जोड़ों ने थामा एक-दूजे का हाथ:एक मुस्लिम जोड़े का निकाह हुआ, शादी के खर्च की चिंता से मिली राहत

अयोध्या के गोसाईगंज में सोमवार को शहनाइयों की गूंज और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच 185 जोड़े विवाह बंधन में बंधे। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत राम सुचित महाविद्यालय में समारोह आयोजित किया गया। यहां किसी ने सात फेरे लेकर साथ निभाने का संकल्प लिया, तो किसी ने निकाह कबूल कर नई जिंदगी शुरू की। आर्थिक तंगी के कारण शादी के खर्च की चिंता में डूबे परिवारों के लिए यह आयोजन राहत लेकर आया। नवदंपतियों को गृहस्थी का जरूरी सामान और योजना के तहत निर्धारित सहायता दी गई। मयाबाजार के 90 और तारुन के 92 जोड़े शामिल शारदीय नवरात्र के दूसरे दिन आयोजित समारोह का शुभारंभ गणेश वंदना और दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। मयाबाजार विकासखंड के 90, तारुन के 92 और नगर पंचायत गोसाईगंज के 3 जोड़े विवाह में शामिल हुए। इनमें एक मुस्लिम जोड़े का निकाह भी कराया गया। कार्यक्रम में गोसाईगंज विधायक अभय सिंह और जिला समाज कल्याण अधिकारी प्रज्ञा पाण्डेय समेत जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे। विवाह मंडप को फूलों और रंग-बिरंगी सजावट से सजाया गया था। ‘शादी के लिए कर्ज लेने की नौबत थी’ तारुन ब्लॉक के लाभार्थी अनुराग विश्वकर्मा ने बताया कि परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर है। घर के खर्च और भाई-बहनों की पढ़ाई में ही पैसे खर्च हो जाते थे। शादी के लिए कर्ज लेने की नौबत आ गई थी। योजना से मदद मिलने के बाद बिना आर्थिक चिंता के विवाह हो सका। उनकी पत्नी रोहिणी विश्वकर्मा ने कहा कि सरकारी सहायता से उनके नए जीवन की शुरुआत हुई है। मजदूरी कर परिवार चलाते हैं पिता मुस्लिम लाभार्थी सकीना बानो ने बताया कि उनके पिता मजदूरी करते हैं और परिवार में तीन बहनें हैं। शादी का खर्च जुटाना मुश्किल था। योजना से मिली मदद ने परिवार की चिंता कम कर दी। उनके पति मोहम्मद कयूम ने भी इसे जरूरतमंद परिवारों के लिए सहारा बताया। विधायक अभय सिंह ने नवविवाहित जोड़ों को गृहस्थी का सामान भेंट किया। उन्होंने कहा कि सरकार बेटियों के सम्मान और सुरक्षित भविष्य के लिए योजनाएं चला रही है। जरूरत पड़ने पर नवदंपतियों की हरसंभव मदद का भरोसा भी दिया। जिला समाज कल्याण अधिकारी प्रज्ञा पाण्डेय ने कहा कि योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को विवाह के खर्च में राहत देना है। समारोह में शामिल परिवारों के लिए यह दिन नई उम्मीदों और खुशियों की याद बन गया।

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