शारदीय नवरात्र के पहले दिन जामताड़ा के ऐतिहासिक गांधी मैदान में पहली बार भव्य डांडिया महोत्सव का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में हजारों लोग पहुंचे। करीब 500 महिलाओं ने डांडिया नृत्य में हिस्सा लिया। महिलाओं की भागीदारी और लोगों के उत्साह से पूरा मैदान देर शाम तक गुलजार रहा। आयोजन को लेकर लोगों में खासा उत्साह देखने को मिला। आयोजकों के अनुसार, जिले में पहली बार इस तरह का डांडिया महोत्सव आयोजित किया गया। कार्यक्रम का आयोजन नगर अध्यक्ष आशा गुप्ता और तरुण कुमार गुप्ता के नेतृत्व में हुआ। महोत्सव की शुरुआत दीप जलाकर की गई। इस मौके पर नगर अध्यक्ष आशा गुप्ता और डीएफओ मौजूद रहे। इसके बाद गायिका अर्चना गोस्वामी ने गणेश वंदना प्रस्तुत की। गणेश वंदना के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रम की शुरुआत हुई। इसके बाद गांधी मैदान संगीत और डांडिया की धुन से गूंज उठा। महिलाओं ने पारंपरिक अंदाज में डांडिया नृत्य किया। दर्शकों ने भी कार्यक्रम का आनंद लिया। डांडिया इवेंट की तस्वीरें देखें… भोजपुरी कलाकार शिल्पी राघवानी रहीं मुख्य आकर्षण महोत्सव में भोजपुरी कलाकार शिल्पी राघवानी मुख्य आकर्षण रहीं। उन्हें देखने और सुनने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। कार्यक्रम के संयोजक तरुण कुमार गुप्ता ने शिल्पी राघवानी को सम्मानित किया। इस दौरान शिल्पी ने जामताड़ा की पहचान को लेकर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि जामताड़ा की पहचान अब सिर्फ भारत तक सीमित नहीं है। विदेशों में भी इसकी पहचान बन रही है। उनके इस बयान के बीच कार्यक्रम में मौजूद लोगों में उत्साह देखने को मिला। महोत्सव में सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ मनोरंजन का माहौल बना रहा। डांडिया की धुन पर महिलाओं ने समूह में नृत्य किया। आयोजन में पारंपरिक संस्कृति और उत्सव का रंग देखने को मिला। नवरात्र के पहले दिन हुए इस कार्यक्रम ने गांधी मैदान को उत्सव स्थल में बदल दिया। हजारों लोगों की मौजूदगी ने आयोजन को खास बना दिया। प्रतियोगिता के विजेताओं को मिला पुरस्कार महोत्सव के दौरान ‘आई लव जामताड़ा’ वीडियो प्रतियोगिता के विजेताओं को भी सम्मानित किया गया। प्रतियोगिता के माध्यम से जामताड़ा की पहचान और विशेषताओं को सामने लाने का प्रयास किया गया। विजेताओं को नकद पुरस्कार दिए गए। शमीम अंसारी को प्रथम पुरस्कार के रूप में 5,100 रुपए मिले। ऋषभ कुमार को 3,100 रुपए और नित्यानंद रवानी को 2,100 रुपए देकर सम्मानित किया गया। इसके अलावा पांच साल की बच्ची क्यारा सिंह को भी ब्लॉग बनाने के लिए सम्मान मिला। छोटी उम्र में ब्लॉग बनाने के प्रयास के लिए उसे प्रोत्साहित किया गया। कार्यक्रम में पुरस्कार वितरण के दौरान विजेताओं का उत्साह बढ़ाया गया। आयोजकों ने प्रतिभागियों के योगदान को सराहा। इस पहल के जरिए स्थानीय लोगों को जामताड़ा की पहचान से जुड़े रचनात्मक कार्यों के लिए प्रोत्साहित किया गया। महिलाओं की भागीदारी से गुलजार रहा गांधी मैदान शारदीय नवरात्र के पहले दिन हुए इस आयोजन में महिलाओं की बड़ी भागीदारी देखने को मिली। करीब 500 महिलाओं ने डांडिया नृत्य में हिस्सा लिया। वहीं, हजारों लोगों की मौजूदगी ने कार्यक्रम की रौनक बढ़ाई। संगीत, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और डांडिया की धुन पर पूरा मैदान उत्सव के रंग में रंगा रहा। नगर अध्यक्ष आशा गुप्ता और संयोजक तरुण कुमार गुप्ता के नेतृत्व में आयोजित महोत्सव को लेकर लोगों में खासा उत्साह था। आयोजकों के अनुसार, जामताड़ा में पहली बार इस स्तर पर डांडिया महोत्सव आयोजित किया गया। कार्यक्रम में भोजपुरी कलाकार की प्रस्तुति, प्रतियोगिता के विजेताओं का सम्मान और महिलाओं की भागीदारी प्रमुख आकर्षण रहे। गांधी मैदान देर शाम तक लोगों से भरा रहा। महोत्सव ने नवरात्र के पहले दिन शहर में सांस्कृतिक उत्सव का माहौल बनाया। शारदीय नवरात्र के पहले दिन जामताड़ा के ऐतिहासिक गांधी मैदान में पहली बार भव्य डांडिया महोत्सव का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में हजारों लोग पहुंचे। करीब 500 महिलाओं ने डांडिया नृत्य में हिस्सा लिया। महिलाओं की भागीदारी और लोगों के उत्साह से पूरा मैदान देर शाम तक गुलजार रहा। आयोजन को लेकर लोगों में खासा उत्साह देखने को मिला। आयोजकों के अनुसार, जिले में पहली बार इस तरह का डांडिया महोत्सव आयोजित किया गया। कार्यक्रम का आयोजन नगर अध्यक्ष आशा गुप्ता और तरुण कुमार गुप्ता के नेतृत्व में हुआ। महोत्सव की शुरुआत दीप जलाकर की गई। इस मौके पर नगर अध्यक्ष आशा गुप्ता और डीएफओ मौजूद रहे। इसके बाद गायिका अर्चना गोस्वामी ने गणेश वंदना प्रस्तुत की। गणेश वंदना के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रम की शुरुआत हुई। इसके बाद गांधी मैदान संगीत और डांडिया की धुन से गूंज उठा। महिलाओं ने पारंपरिक अंदाज में डांडिया नृत्य किया। दर्शकों ने भी कार्यक्रम का आनंद लिया। डांडिया इवेंट की तस्वीरें देखें… भोजपुरी कलाकार शिल्पी राघवानी रहीं मुख्य आकर्षण महोत्सव में भोजपुरी कलाकार शिल्पी राघवानी मुख्य आकर्षण रहीं। उन्हें देखने और सुनने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। कार्यक्रम के संयोजक तरुण कुमार गुप्ता ने शिल्पी राघवानी को सम्मानित किया। इस दौरान शिल्पी ने जामताड़ा की पहचान को लेकर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि जामताड़ा की पहचान अब सिर्फ भारत तक सीमित नहीं है। विदेशों में भी इसकी पहचान बन रही है। उनके इस बयान के बीच कार्यक्रम में मौजूद लोगों में उत्साह देखने को मिला। महोत्सव में सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ मनोरंजन का माहौल बना रहा। डांडिया की धुन पर महिलाओं ने समूह में नृत्य किया। आयोजन में पारंपरिक संस्कृति और उत्सव का रंग देखने को मिला। नवरात्र के पहले दिन हुए इस कार्यक्रम ने गांधी मैदान को उत्सव स्थल में बदल दिया। हजारों लोगों की मौजूदगी ने आयोजन को खास बना दिया। प्रतियोगिता के विजेताओं को मिला पुरस्कार महोत्सव के दौरान ‘आई लव जामताड़ा’ वीडियो प्रतियोगिता के विजेताओं को भी सम्मानित किया गया। प्रतियोगिता के माध्यम से जामताड़ा की पहचान और विशेषताओं को सामने लाने का प्रयास किया गया। विजेताओं को नकद पुरस्कार दिए गए। शमीम अंसारी को प्रथम पुरस्कार के रूप में 5,100 रुपए मिले। ऋषभ कुमार को 3,100 रुपए और नित्यानंद रवानी को 2,100 रुपए देकर सम्मानित किया गया। इसके अलावा पांच साल की बच्ची क्यारा सिंह को भी ब्लॉग बनाने के लिए सम्मान मिला। छोटी उम्र में ब्लॉग बनाने के प्रयास के लिए उसे प्रोत्साहित किया गया। कार्यक्रम में पुरस्कार वितरण के दौरान विजेताओं का उत्साह बढ़ाया गया। आयोजकों ने प्रतिभागियों के योगदान को सराहा। इस पहल के जरिए स्थानीय लोगों को जामताड़ा की पहचान से जुड़े रचनात्मक कार्यों के लिए प्रोत्साहित किया गया। महिलाओं की भागीदारी से गुलजार रहा गांधी मैदान शारदीय नवरात्र के पहले दिन हुए इस आयोजन में महिलाओं की बड़ी भागीदारी देखने को मिली। करीब 500 महिलाओं ने डांडिया नृत्य में हिस्सा लिया। वहीं, हजारों लोगों की मौजूदगी ने कार्यक्रम की रौनक बढ़ाई। संगीत, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और डांडिया की धुन पर पूरा मैदान उत्सव के रंग में रंगा रहा। नगर अध्यक्ष आशा गुप्ता और संयोजक तरुण कुमार गुप्ता के नेतृत्व में आयोजित महोत्सव को लेकर लोगों में खासा उत्साह था। आयोजकों के अनुसार, जामताड़ा में पहली बार इस स्तर पर डांडिया महोत्सव आयोजित किया गया। कार्यक्रम में भोजपुरी कलाकार की प्रस्तुति, प्रतियोगिता के विजेताओं का सम्मान और महिलाओं की भागीदारी प्रमुख आकर्षण रहे। गांधी मैदान देर शाम तक लोगों से भरा रहा। महोत्सव ने नवरात्र के पहले दिन शहर में सांस्कृतिक उत्सव का माहौल बनाया।

