Maharashtra Politics: शिंदे सेना के खिलाफ बगावत पड़ी भारी, बीजेपी ने 4 नेताओं को पार्टी से निकाला

Maharashtra Politics: शिंदे सेना के खिलाफ बगावत पड़ी भारी, बीजेपी ने 4 नेताओं को पार्टी से निकाला

Amravati Teachers Constituency Election: महाराष्ट्र में अमरावती डिवीजन शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव को लेकर भाजपा (BJP) ने सख्त कदम उठाया है। पार्टी ने अनुशासनहीनता के आरोप में अपने चार नेताओं को छह साल के लिए निष्कासित कर दिया है। निष्कासित किए गए नेताओं में चंद्रशेखर भोयर, संगीता शिंदे, सुमित पवार और नितिन गुदधे शामिल हैं। पार्टी ने चारों की प्राथमिक सदस्यता समाप्त कर दी है।

शिवसेना को मिली थी सीट, फिर भी चुनाव मैदान में डटे रहे नेता

अमरावती शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र की सीट सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन में भाजपा की सहयोगी शिवसेना को आवंटित की गई है। उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे नीत शिवसेना ने इस सीट से अपने आधिकारिक उम्मीदवार की घोषणा भी कर दी थी। इसके बावजूद भाजपा के तीन पदाधिकारी- चंद्रशेखर भोयर, संगीता शिंदे और सुमित पवार चुनावी मैदान में डटे रहे। उन्होंने नामांकन वापस लेने की अंतिम तारीख समाप्त होने के बाद भी नाम वापस नहीं लिया।

पार्टी ने इसे अनुशासनहीनता मानते हुए तीनों नेताओं के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की। भाजपा ने उनकी प्राथमिक सदस्यता समाप्त करने के साथ ही उन्हें छह साल के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया।

भले ही भाजपा ने अपने तीन बागियों को पार्टी से निकाल दिया हो, लेकिन वे अब भी निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनावी मैदान में बने हुए हैं। इस वजह से महायुति गठबंधन के आधिकारिक उम्मीदवार किरण सरनाईक की इस सीट पर मुश्किलें बरकरार है।

नितिन गुदधे को नोटिस के बाद निष्कासित किया

वहीं दूसरी ओर, भाजपा की अमरावती ग्रामीण इकाई के महासचिव नितिन गुदधे के खिलाफ भी पार्टी ने कड़ा कदम उठाया है। गुदधे पर चुनाव अवधि के दौरान अनुशासनहीनता का आरोप था। पार्टी ने उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब मांगा था। लेकिन, पार्टी नेतृत्व को उनका जवाब संतोषजनक नहीं लगा। इसके बाद उनकी प्राथमिक सदस्यता समाप्त कर उन्हें भी छह साल के लिए पार्टी से बाहर कर दिया गया।

संगठन के पद भी छीने

भाजपा के अमरावती ग्रामीण जिला अध्यक्ष और विधायक प्रताप अडसड ने संबंधित नेताओं को आधिकारिक पत्र जारी कर निष्कासन के फैसले की जानकारी दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि पार्टी से निष्कासित किए जाने के बाद संबंधित नेताओं को संगठन में दिए गए उनके पद भी स्वतः समाप्त हो गए हैं।

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