Strait of Hormuz: ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सेक्रेटरी मोहसिन रेजाई ने दावा किया कि अमेरिका स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को खोलने के लिए ईरान की सात शर्तों में से कुछ पर सहमत हो गया है, लेकिन अमेरिका का जवाब अब भी नाकाफी ही है। रेजाई ने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा कि ईरानी कूटनीति बदल गई है।
‘ईरानी कूटनीति अब बदल चुकी है’
ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सेक्रेटरी मोहसिन रेजाई ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर जानकारी साझा करते हुए लिखा कि एक मध्यस्थ के जरिए बातचीत में अमेरिका ने कुछ शर्तों पर सहमति जताई है। इसके बावजूद ईरान का मानना है कि वाशिंगटन की प्रतिक्रिया पर्याप्त नहीं है। उन्होंने कड़े शब्दों में कहा कि ईरानी कूटनीति अब बदल गई है और होर्मुज जलडमरूमध्य पर अब पहले जैसी स्थिति नहीं रहेगी।
होर्मुज खोलने के लिए ईरान की अमेरिका से क्या हैं प्रमुख मांगें?
रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरान ने साफ कर दिया है कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को दोबारा खोलने और बातचीत शुरू करने के लिए अमेरिका को उसकी शर्तें माननी होंगी। इनमें अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी को तुरंत खत्म करना और ईरानी तेल की अंतरराष्ट्रीय बिक्री पर लगे प्रतिबंधों को हटाना प्रमुख हैं। इससे पहले ईरान की संसद के स्पीकर मोहम्मद बाघेर गालिबाफ ने भी कहा था कि जून में 14-सूत्रीय समझौता ज्ञापन (MoU) के आधार पर तय की गई ईरान की सात शर्तें पूरी होने तक यह महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्ग बंद रहेगा।
ट्रंप का पलटवार- ‘हम जल्दी ही इस युद्ध को खत्म कर सकते हैं’
दूसरी ओर, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने तेहरान के इन दावों पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। टेनेसी में एक राजनीतिक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए ट्रंप ने कहा कि आगामी 3 नवंबर के मिडटर्म चुनावों से पहले तेहरान अमेरिका के खिलाफ अपनी गतिविधियों को तेज कर सकता है। ईरान को लगता है कि ऐसे कदमों से अमेरिका को राजनीतिक रूप से नुकसान पहुंचेगा।
ट्रंप ने कहा कि उन्हें शायद लगता है कि चुनाव से पहले कुछ करने से हमें चोट पहुंचेगी, लेकिन वाशिंगटन के पास इस संघर्ष को बहुत जल्द खत्म करने की पूरी क्षमता है। उन्होंने यह भी दावा किया कि युद्ध की शुरुआत से लेकर अब तक ईरानी नौसेना के लगभग 159 जहाज डुबोए जा चुके हैं, फिर भी अमेरिकी प्रशासन ने काफी संयम दिखाया है।

