आजमगढ़, बस्ती, अयोध्या मंडलों में चुनौती खड़ा करेगी सपा:शिक्षक MLC चुनाव में सबसे अधिक मतदाता आजमगढ़ में, गोरखपुर दूसरे नंबर पर

आजमगढ़, बस्ती, अयोध्या मंडलों में चुनौती खड़ा करेगी सपा:शिक्षक MLC चुनाव में सबसे अधिक मतदाता आजमगढ़ में, गोरखपुर दूसरे नंबर पर

गोरखपुर-फैजाबाद खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव में प्रचार अभियान तेज हो गया है। भाजपा और सपा ने पूरा जोर लगा दिया है तो निर्दल प्रत्याशी के रूप में अजय सिंह व राजीव यादव भी मजबूत दावेदारी पेश करते नजर आ रहे हैं। सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कई जिलों में अपने कार्यकर्ताओं से डा. संजयन त्रिपाठी को जिताने की अपील की है। उन्हें अपने हेलीकाप्टर में लेकर घूमे भी। इधर भाजपा प्रत्याशी ध्रुव त्रिपाठी के पक्ष में माहौल बनाने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 17 जिलों के शिक्षक मतदाताओं के सम्मेलन को संबोधित करेंगे। लेकिन इस इस निर्वाचन क्षेत्र पर गौर करें तो 17 जिलों में से कुछ स्थानों पर सपा, भाजपा के लिए चुनौती खड़ी करती नजर आ रही है। विधानसभा चुनाव के आंकड़ों पर गौर करें तो गोरखपुर मंडल में भाजपा ने 28 में से 27 सीटों पर जीत हासिल की थी। इसी तरह बस्ती मंडल में 13 में से 7 सीटें मिली थीं। आजमगढ़ मंडल में 21 में से 3 सीटें ही मिली थीं। अयोध्या की 25 सीटों में से 11 पर भाजपा को जीत मिली थी। देवीपाटन मंडल में 20 में से 16 पर भाजपा सफल हुई थी। विधानसभा चुनाव 2022 के बाद लोकसभा चुनाव 2024 में स्थितियां बदली थीं और सपा को कुछ और स्थानों पर फायदा हुआ था। इस तरह आजमगढ़, बस्ती और अयोध्या मंडलों में सपा की स्थिति भी अच्छी नजर आती है। इन मंडलों के कुछ जिलों में पार्टी ने क्लीन स्वीप किया था। यूं तो इस चुनाव में मतदाता शिक्षक होते हैं लेकिन जब से राजनीतिक दलों की इसमें इंट्री हो गई, यह माना जा रहा है कि शिक्षक भी विचारधारा के अनुसार अपना मन बदल सकते हैं। इसका असर निजी विद्यालयों के शिक्षकों पर अधिक पड़ेगा। ऐसे में भाजपा प्रत्याशी की राह आसान नजर नहीं आ रही। जानिए मतदाताओं की संख्या के लिहाज से क्या स्थिति है गोरखपुर-फैजाबाद खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले 17 जिलों में से सर्वाधिक मतदाता आजमगढ़ जिले में हैं। यहां 8592 मतदाता हैं। इस बार कुल मतदाताओं की संख्या 54 हजार 910 है। मतदाताओं के लिहाज से दूसरा सबसे बड़ा जिला गोरखपुर है। यहां 7289 मतदाता हैं। तीसरे नंबर पर मऊ जिला है, जहां 5131 मतदाता हैं। यह भी आजमगढ़ मंडल में ही आता है और यहां सपा के सांसद भी हैं। मुख्यमंत्री व सपा प्रमुख भी प्रचार में उतरे अपने प्रत्याशियों के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ एवं सपा प्रमुख अखिलेश यादव भी मैदान में उतर गए हैं। पिछले कुछ दिनों में अखिलेश यादव ने अलग-अलग जिलों के कार्यक्रम में डा. संजयन को चुनाव जिताने की अपील भी की। राष्ट्रीय अध्यक्ष की ओर से बार-बार अपील करने के बाद सपा सांसद, विधायक एवं पदाधिकारी अपने प्रत्याशी अपना पूरा जोर लगा रहे हैं। इधर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शिक्षक मतदाताओं का एक बड़ा सम्मेलन करने जा रहे हैं। इसे शिक्षक मतदाता संवाद का नाम दिया गया है लेकिन इसके जरिए मुख्यमंत्री भाजपा प्रत्याशी ध्रुव त्रिपाठी का माहौल बनाते नजर आएंगे। राजनीतिक जानकारों का कहना है कि इस चुनाव का परिणाम विधानसभा चुनाव को भी प्रभावित करेगा। पिछले चुनाव के रनर रहे अजय सिंह बिगाड़ सकते हैं समीकरण 2020 में हुए शिक्षक एमएलसी के चुनाव में दूसरा स्थान पाकर अजय सिंह ने सभी को चौंका दिया था। मूल रूप से आजमगढ़ के रहने वाले अजय सिंह वित्तविहीन शिक्षकों के बीच अच्छी पहचान रखते हैं। इस चुनाव में वित्त विहीन शिक्षक मतदाता के रूप में अधिक हैं। सपा प्रत्याशी डा. संजयन निजी स्कूल संचालक भी हैं, इसलिए उन्हें सीबीएसई एवं सीआइएसई बोर्ड के स्कूलों पर अधिक भरोसा है जबकि अजय सिंह बहुतायत वित्त विहीन विद्यालयों को अपनी ताकत मानकर चल रहे हैं। उन्होंने दलीय राजनीतिक को मुद्दा भी बनाया है। एडेड स्कूलों में राजीव यादव की भी दावेदारी एडेड स्कूलों में राजीव यादव भी सेंध लगाते नजर आ रहे हैं। उनके साथ शिक्षकों का एक वर्ग नजर आ रहा है। युवा शिक्षकों में भी उनकी पकड़ बताई जा रही है। एडेड विद्यालयों में ध्रुव त्रिपाठी के साथ ही राजीव यादव के समर्थक भी नजर आ रहे हैं। पिछले चुनाव में राजीव को तीसरा स्थान मिला था। इस बार राजीव एडेड के साथ वित्त विहीन शिक्षकों को साधकर जीत का दावा कर रहे हैं। परिणाम जो भी आए लेकिन लड़ाई भाजपा, सपा के साथ इन दो निर्दल प्रत्याशियों के बीच ही सिमटती नजर आ रही है।

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