बारां के नाहरगढ़ थाना क्षेत्र के पटपड़ी गांव में खेत में घुसी गायों को भगाने गए आदिवासी युवक पप्पूलाल सहरिया की करंट लगने से मौत हो गई। खेत में जमीन पर बिना किसी सुरक्षा घेरे के रखे ट्रांसफार्मर से निकले करंट की चपेट में आने से युवक ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। घटना के बाद ग्रामीणों ने बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताई और मृतक के परिवार को मुआवजा देने की मांग की। गायों को भगाने के दौरान हुआ हादसा जानकारी के अनुसार, पप्पूलाल सहरिया पटपड़ी गांव का निवासी था। खेत में गायें घुसने पर वह उन्हें भगाने के लिए पहुंचा था। इसी दौरान वह जमीन पर रखे ट्रांसफार्मर के संपर्क में आ गया। ट्रांसफार्मर से फैले करंट की चपेट में आने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई। बिना सुरक्षा घेरे के जमीन पर रखा था ट्रांसफार्मर बताया गया है कि संबंधित ट्रांसफार्मर जमीन पर खुले में रखा हुआ था और उसके आसपास सुरक्षा के लिए कोई घेरा नहीं था। ऐसे में खेत में काम करने या मवेशियों को भगाने के लिए आने वाले लोगों के लिए करंट की चपेट में आने का खतरा बना हुआ था। ग्रामीणों ने इस स्थिति को बिजली विभाग की लापरवाही बताते हुए जिम्मेदार व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। दो छोटे बच्चों के सिर से उठा पिता का साया पप्पूलाल की मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। मृतक के दो छोटे बच्चे हैं। हादसे के बाद परिवार के सामने आर्थिक और पारिवारिक संकट भी खड़ा हो गया है। ग्रामीणों ने पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा देने की मांग की है। पुलिस ने शव मोर्चरी में रखवाया घटना की सूचना मिलने पर समाजसेवी मलकित सिंह मौके पर पहुंचे और युवक को अस्पताल पहुंचाया। नाहरगढ़ थाना पुलिस भी घटनास्थल पर पहुंची। शव को सीएचसी नाहरगढ़ की मोर्चरी में रखवाया गया है। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपा जाएगा।

