बैतूल में शारदीय नवरात्र की शुरुआत हो गई है। शहर में इस बार 188 स्थानों पर सार्वजनिक दुर्गा उत्सव समितियों ने मां दुर्गा की प्रतिमाएं स्थापित की हैं। श्रद्धालु प्रतिमाएं लेकर पंडालों तक पहुंच रहे हैं। शहर में जगह-जगह पूजा-पाठ और तैयारियों के बीच भक्तिमय माहौल है। डीजे, बिजली सुरक्षा और विसर्जन के लिए नियम नवरात्रि के दौरान व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन ने प्रतिमा स्थापना, ध्वनि विस्तारक यंत्रों, बिजली सुरक्षा, जुलूस और विसर्जन को लेकर निर्देश जारी किए हैं। निर्धारित समय के बाद डीजे बजाने पर रोक रहेगी। ध्वनि विस्तारक यंत्र और टेंट संचालकों को नियमों के पालन से संबंधित प्रमाण पत्र देना होगा। पंडालों में बिजली से होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने के लिए सुरक्षा इंतजाम करने और रात में दो लोगों के मौजूद रहने की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रतिमा विसर्जन के लिए हमलापुर में स्थान निर्धारित किया गया है। टिकारी के सितारा मंडल में 74 साल से हो रही स्थापना बैतूल के टिकारी स्थित सितारा मंडल में मां काली की प्रतिमा स्थापना की परंपरा 74 साल पुरानी है। इस बार यहां मां काली की 25 फीट ऊंची प्रतिमा स्थापित की गई है, जो श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र है। मंडल में दिन में पांच बार आरती की परंपरा है। आज रात 8 बजे आरती होगी, जबकि रात 12 बजे शयन आरती की जाएगी। इसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होते हैं। सप्तमी के दिन कन्या भोज का आयोजन भी किया जाएगा। नवरात्रि के पहले दिन यहां घट स्थापना की जा रही है। नौ दिन तक पंडालों में उमड़ेंगे श्रद्धालु नवरात्रि के दौरान सितारा मंडल सहित शहर के विभिन्न दुर्गा पंडालों में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ने की संभावना है। उत्सव के दौरान प्रशासन के नियमों का पालन, पंडालों में बिजली सुरक्षा और विसर्जन की व्यवस्था पर विशेष ध्यान रहेगा। तस्वीरों में देखें बैतूल में नवरात्रि की रौनक:-

