AMU छात्रसंघ चुनाव के ऐलान पर बधाइयों का तांता:चंद्रशेखर, सुमैया राणा, नफीस अहमद और अब्बास अंसारी ने दी बधाई्,भूख हड़ताल के बाद JNMCH में भर्ती यासिर

AMU छात्रसंघ चुनाव के ऐलान पर बधाइयों का तांता:चंद्रशेखर, सुमैया राणा, नफीस अहमद और अब्बास अंसारी ने दी बधाई्,भूख हड़ताल के बाद JNMCH में भर्ती यासिर

अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (AMU) में 5 नवंबर को छात्रसंघ चुनाव कराने की घोषणा के बाद 19 दिन तक भूख हड़ताल कर आंदोलन का नेतृत्व करने वाले छात्र नेता यासिर फहद की तबीयत पर नजर रखी जा रही है। शुक्रवार शाम जश्न के बाद उसे जेएन मेडिकल कॉलेज अस्पताल (JNMCH) में भर्ती कराया गया था। शनिवार को डॉक्टरों ने उसकी जांच की और फिलहाल रविवार तक अस्पताल में भर्ती रखकर निगरानी करने का निर्णय लिया। उधर, चुनाव की घोषणा के बाद यासिर को बधाई देने वालों का तांता लगा है। आजाद समाज पार्टी के सांसद चंद्रशेखर आजाद, सपा की राष्ट्रीय प्रवक्ता सुमैया राणा, विधायक नफीस अहमद और अब्बास अंसारी समेत कई नेताओं और पूर्व छात्रसंघ पदाधिकारियों ने उसे और उसकी टीम को शुभकामनाएं दी हैं।
19 दिन की भूख हड़ताल के कारण आई कमजोरी को देखते हुए डॉक्टर यासिर के स्वास्थ्य और जरूरी वाइटल पैरामीटर की जांच कर रहे हैं। शनिवार को भी उसका स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। चिकित्सकों की निगरानी में उसका इलाज जारी है। इस बीच यासिर के पास फोन कॉल, वीडियो कॉल और सोशल मीडिया के जरिए लगातार बधाई संदेश पहुंच रहे हैं।
चंद्रशेखर आजाद ने फोन किया, सुमैया राणा ने भी दी बधाई
छात्रसंघ चुनाव की घोषणा को लेकर राजनीतिक हलकों में भी उत्साह है। आजाद समाज पार्टी के सांसद चंद्रशेखर आजाद ने फोन पर यासिर से बात कर उसे आंदोलन की सफलता पर बधाई दी। सपा की राष्ट्रीय प्रवक्ता सुमैया राणा ने भी फोन पर बातचीत कर शुभकामनाएं दीं। आजमगढ़ के विधायक नफीस अहमद ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए यासिर और उसकी टीम को बधाई दी। विधायक अब्बास अंसारी ने वीडियो कॉल कर बधाई दी है। आजमगढ़ के पूर्व छात्र संघ सचिव हुजैफा आमिर रशीदी ने वीडियो कॉल के जरिए यासिर से बात की। इसके अलावा पूर्व छात्रसंघ अध्यक्षों, पदाधिकारियों और अलीग बिरादरी के लोगों की ओर से भी संदेश भेजे जा रहे हैं।
अब चुनावी मैदान में उतरने की तैयारी
आंदोलन का नेतृत्व करने वाली यासिर की टीम अब चुनावी रणनीति पर विचार कर रही है। टीम के भीतर इस बात को लेकर मंथन शुरू हो गया है कि उसके सदस्यों में से किन चेहरों को चुनाव मैदान में उतारा जाए। हालांकि, अभी प्रत्याशियों के नामों की औपचारिक घोषणा नहीं हुई है। चुनाव की तारीख तय होने के बाद कैंपस में छात्रसंघ की राजनीति फिर सक्रिय हो गई है। अब संभावित प्रत्याशियों, पदों पर दावेदारी और चुनावी समीकरणों को लेकर गतिविधियां तेज होने के आसार हैं।
19 दिन के आंदोलन के बाद बनी सहमति
AMU में छात्रसंघ बहाली और चुनाव कराने की मांग को लेकर छात्रों ने लगातार आंदोलन किया था। यासिर फहद ने डक पॉइंट पर भूख हड़ताल के जरिए इसकी अगुवाई की। आंदोलन को छात्रों के साथ पूर्व छात्र और विभिन्न राजनीतिक दलों से जुड़े लोगों का भी समर्थन मिला। 19 दिन तक चले आंदोलन के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने छात्रसंघ चुनाव की घोषणा की। इसके बाद शुक्रवार को डक पॉइंट पर जश्न मनाया गया। अब आंदोलन के बाद कैंपस में चुनावी माहौल बनने लगा है।

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