विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस पर KGB में कार्यक्रम:बच्चियों को रेगुलर योगाभ्यास और पॉजिटिव सोच अपनाने की सलाह

विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस पर KGB में कार्यक्रम:बच्चियों को रेगुलर योगाभ्यास और पॉजिटिव सोच अपनाने की सलाह

शेखपुरा में विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस पर कार्यक्रम हुए। अरियरी प्रखंड के बेलछी गांव स्थित कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय में शनिवार को कई कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस दौरान बालिकाओं को मानसिक स्वास्थ्य के लिए नियमित योगाभ्यास अपने दैनिक जीवन में शामिल करने की सलाह दी गई। साथ ही, वाद-विवाद और चित्रकला प्रतियोगिताएं भी हुईं। सकारात्मक विचारों पर केंद्रित रहने को कहा विद्यालय की वार्डन वाजदा तबस्सुम और शिक्षिका रूबी कुमारी ने बालिकाओं को मानसिक स्वास्थ्य पर विस्तार से जानकारी दी। उन्हें जीवन में तरक्की के लिए सकारात्मक विचारों पर केंद्रित रहने को कहा गया। योगाभ्यास अपनाने पर जोर किसी भी समस्या के समाधान के लिए माता-पिता, शिक्षक या अभिभावक से खुलकर बात करने की सलाह दी गई। नकारात्मक विचार या अवसाद की स्थिति में उचित खान-पान, व्यायाम और योगाभ्यास अपनाने पर जोर दिया गया। सहानुभूति से पेश आने को भी कहा बताया गया कि मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं का समाधान संभव है, जिसके लिए विश्वसनीय लोगों या मनोवैज्ञानिकों से सलाह ली जा सकती है। मानसिक स्वास्थ्य से जूझ रहे लोगों के साथ सहानुभूति से पेश आने को भी कहा गया। लेखापाल नवीन कुमार और गोरे लाल ठाकुर समेत अन्य कर्मी मौजूद थे। शेखपुरा में विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस पर कार्यक्रम हुए। अरियरी प्रखंड के बेलछी गांव स्थित कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय में शनिवार को कई कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस दौरान बालिकाओं को मानसिक स्वास्थ्य के लिए नियमित योगाभ्यास अपने दैनिक जीवन में शामिल करने की सलाह दी गई। साथ ही, वाद-विवाद और चित्रकला प्रतियोगिताएं भी हुईं। सकारात्मक विचारों पर केंद्रित रहने को कहा विद्यालय की वार्डन वाजदा तबस्सुम और शिक्षिका रूबी कुमारी ने बालिकाओं को मानसिक स्वास्थ्य पर विस्तार से जानकारी दी। उन्हें जीवन में तरक्की के लिए सकारात्मक विचारों पर केंद्रित रहने को कहा गया। योगाभ्यास अपनाने पर जोर किसी भी समस्या के समाधान के लिए माता-पिता, शिक्षक या अभिभावक से खुलकर बात करने की सलाह दी गई। नकारात्मक विचार या अवसाद की स्थिति में उचित खान-पान, व्यायाम और योगाभ्यास अपनाने पर जोर दिया गया। सहानुभूति से पेश आने को भी कहा बताया गया कि मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं का समाधान संभव है, जिसके लिए विश्वसनीय लोगों या मनोवैज्ञानिकों से सलाह ली जा सकती है। मानसिक स्वास्थ्य से जूझ रहे लोगों के साथ सहानुभूति से पेश आने को भी कहा गया। लेखापाल नवीन कुमार और गोरे लाल ठाकुर समेत अन्य कर्मी मौजूद थे।  

​

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *