पूर्व विदेश सचिव कंवल सिब्बल समेत 124 पूर्व नौकरशाहों ने भारत की चुनावी प्रक्रिया के समर्थन में देश की जनता के नाम लेटर लिखा है। पूर्व राजदूतों और रिटायर्ड IAS अधिकारियों ने लिखा- “हम यह पत्र इसलिए लिख रहे हैं, क्योंकि आजकल हमारे चुनावों के लिए बिना किसी सबूत के ‘धांधली’ शब्द का इस्तेमाल किया जा रहा है। इस शब्द को बार-बार दोहराने से लोकतंत्र में लोगों का वह भरोसा कमजोर होता है।” लेटर के एक हिस्से में लिखा है- हम जानते हैं कि चुनावों में धांधली कैसी दिखती है। हमने वह दौर देखा है, जिसके बारे में आप आजकल केवल फिल्मों में देखते हैं, बूथ पर कट्टा लेकर आना, बाहुबलियों के लोग, फर्जी वोट भरना, बैलेट बॉक्स चुरा लेना और जनता को वोट डालने से रोकना। बूथ कैप्चरिंग इतनी आम थी कि संसद ने 1989 में इसे अपराध बना दिया। खबर लगातार अपडेट की जा रही है…
124 पूर्व ब्यूरोक्रेट्स बोले- चुनाव प्रक्रिया पर भरोसा रखें:हमने धांधली का वह दौर देखा है, जब बूथ कैप्चर करने लोग कट्टा लेकर आते थे

