CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन में 500 लोग हिरासत में, सुरक्षाबल तैनात

CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन में 500 लोग हिरासत में, सुरक्षाबल तैनात

मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के प्रदर्शन के दौरान शनिवार को राष्ट्रीय राजधानी में कई दिलचस्प नजारे देखने को मिले। इस दौरान कुछ प्रदर्शनकारी पुलिस से बचने के लिए गुरुद्वारे में छिप गए, तो कुछ सिर पर कॉकरोच के एंटीना वाले हेलमेट पहने नजर आए। भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच पुलिस ने लगभग 500 लोगों को हिरासत में लिया है।

नयी दिल्ली क्षेत्र में भारी सुरक्षाबल तैनात किए जाने के बावजूद, प्रदर्शनकारी अलग-अलग जगहों पर इकट्ठा होते रहे और पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करते रहे, जिन्हें बाद में खदेड़ दिया गया और हिरासत में ले लिया गया। यह प्रदर्शन पूर्वाह्न साढ़े 10 बजे शुरू होना तय था, लेकिन सुरक्षाकर्मियों ने प्रदर्शनकारियों को जंतर-मंतर तक नहीं पहुंचने दिया, जहां निषेधाज्ञा लागू है। कनॉट प्लेस में रीगल सिनेमा के पास सहित विभिन्न स्थानों से कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया।

पुलिस ने इस प्रदर्शन की अनुमति देने से इनकार कर दिया था। जब सुरक्षाकर्मियों ने अलग-अलग स्थानों पर फिर से एकजुट होने की कोशिश कर रहे प्रदर्शनकारियों को खदेड़ा, तो कुछ लोग शिवाजी स्टेडियम मेट्रो स्टेशन के पास पहुंच गए और पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की। लगभग 10 से 20 प्रदर्शनकारियों का एक समूह नारे लगाते हुए सड़क पर धीरे-धीरे आगे बढ़ा और इस दौरान जमकर नारेबाजी की।

जब एक प्रदर्शनकारी ने सड़क के बीच में आकर नारेबाज़ी की, तो पुलिसकर्मी उसे पकड़ने के लिए दौड़े। हिरासत में लिए गए लोगों को ले जा रही बसें वहां से रवाना होती नजर आईं, जिनमें से कुछ प्रदर्शनकारियों ने ‘‘इंकलाब जिंदाबाद’’ के नारे लगाए और वाहनों के अंदर से अपने ‘प्रेस कार्ड’ दिखाए। सुरक्षा पाबंदियों के बीच, निजी सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र में काम करने वाले दिल्ली के एक निवासी ने इस प्रदर्शन के साथ एकजुटता दिखाने का अपना अनूठा तरीका निकाला।

शिवाजी मेट्रो स्टेशन के पास एक फुटपाथ पर अकेले चल रहे आनंद ने अपने हेलमेट में इस तरह बदलाव कराया हुआ था कि वह कॉकरोच के एंटीना जैसा दिखाई दे। उन्होंने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘यह कॉजपा और विपक्षी गठबंधन के नेता के प्रति अपना समर्थन जताने का मेरा अपना तरीका है, क्योंकि मौजूदा सरकार जो कर रही है, वह उसे आदर्श रूप से शोभा नहीं देता।’’
उन्होंने कहा कि भारी सुरक्षा तैनाती अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और लोगों के मौलिक अधिकारों को सीमित कर रही है। उत्तर प्रदेश के गाजीपुर निवासी मोहम्मद आसिफ ने कहा कि पुलिस कार्रवाई की आशंका को देखते वह दो दिन पहले ही इस इलाके में आ गए थे, और उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था की तुलना ‘अंतरराष्ट्रीय सीमा’ के हालात से की।

उन्होंने कहा, ‘‘यह राष्ट्रीय राजधानी जैसा भी नहीं लग रहा है। ऐसा लग रहा है कि उन्होंने यहां भारत-पाकिस्तान की सीमा बना दी है।’’
महिलाओं समेत कई प्रदर्शनकारियों को उस वक्त खदेड़कर हिरासत में लिया गया जब वे अलग-अलग जगहों पर फिर से एकजुट होने की कोशिश कर रहे थे। पुलिस कार्रवाई के बीच कुछ आंदोलनकारी इलाके के एक गुरुद्वारे में भी घुस गए।

पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर मौजूद रहकर स्थिति पर लगातार नजर बनाए रखे हुए है। जंतर-मंतर के पास भीड़ जमा होने से रोकने के लिए प्रमुख चौराहों और संपर्क मार्गों पर पुलिस बल तैनात किया गया था, जबकि सुरक्षाबलों ने फ्लैग मार्च भी किया और लोगों से निषेधाज्ञा का पालन करने की अपील की।

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