नीमच जिले के ग्रामीण इलाकों में अघोषित बिजली कटौती और 24 घंटे में 6 से 8 घंटे तक बिजली बंद रहने से नाराज ग्रामीणों ने शुक्रवार रात प्रदर्शन किया। गिरदौड़ा, चौथ खेड़ा, हनुमंतिया, केलुखेड़ा, सेमली चंद्रावत, परलाई और कुचडौद सहित कई गांवों में बिजली कंपनी के खिलाफ प्रदर्शन हुए। नीमच जिला मुख्यालय के पास गिरदौड़ा में ग्रामीणों ने बिजली ग्रिड के गेट पर ताला लगाया और सड़क पर चक्काजाम किया। इससे यातायात 2 घंटे ठप रहा। ग्रिड ऑपरेटर को डर से कमरे में बंद होना पड़ा। सूचना पर एडिशनल एसपी नवलसिंह सिसौदिया, जिला कांग्रेस अध्यक्ष तरुण बाहेती और पूर्व जिलाध्यक्ष मनमोहन सिंह मन्नू बना पहुंचे। अधिकारियों के आश्वासन के बाद जाम हटा। जावद तहसील के केलूखेड़ा गांव में भी ग्रामीणों और महिलाओं ने ‘लाइट दो’ के नारे लगाए। बिजली गुल होने से बच्चों की पढ़ाई और घरेलू कामकाज प्रभावित हो रहे हैं। ग्रामीणों ने विभाग से नियमित सप्लाई की मांग की। हनुमंतिया में ग्रामीणों ने विद्युत ग्रिड का घेराव कर आक्रोश जताया। वहीं सेमली चंद्रावत में दिनभर बिजली बंद रहने के बाद शाम को थोड़ी देर आपूर्ति शुरू हुई, लेकिन कुछ ही मिनटों में फिर गुल हो गई, जिससे नाराज ग्रामीणों ने प्रदर्शन किया। बिजली की अनिश्चित कटौती से ग्रामीणों की दिनचर्या पूरी तरह प्रभावित हो रही है। इस समय किसान खरीफ की फसल समेटने और रबी सीजन की बोवणी (गेहूं-चना) की तैयारी में जुटे हैं। ऐन वक्त पर बिजली बंद होने से सिंचाई का संकट खड़ा हो गया है। साथ ही रात के समय अंधेरा रहने से जहरीले जीवों का खतरा भी बना रहता है।
आर. के. रंजन, अधीक्षण यंत्री (SE), एमपीईबी ने बताया कि कुछ जनरेशन प्लांट तकनीकी कारणों से बंद होने की वजह से बिजली उत्पादन कम हुआ है। मांग के अनुरूप आपूर्ति बनाए रखने के लिए लोड प्रबंधन करना पड़ रहा है। बंद पड़े प्लांटों को दोबारा चालू करने के प्रयास जारी हैं। अगले दो-तीन दिनों में स्थिति सामान्य होने की उम्मीद है।

