चित्रकूट में टेलीग्राम ग्रुप के जरिए बच्चों के यौन शोषण से जुड़ी प्रतिबंधित सामग्री उपलब्ध कराने का मामला सामने आया है। शंकर बाजार निवासी देवेंद्र द्विवेदी ने शुक्रवार को साइबर थाने में इसकी शिकायत दर्ज कराई। आरोप है कि टेलीग्राम ग्रुप में प्रचारित एक यूजर आईडी के जरिए संपर्क करने पर सामग्री देने के बदले रुपए मांगे गए। पुलिस शिकायतकर्ता से मिले डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर मामले की जांच कर रही है। जिले में एक महीने के भीतर इस तरह का यह दूसरा मामला है। ग्रुप में यूजर आईडी का किया जा रहा था प्रचार देवेंद्र द्विवेदी की शिकायत के मुताबिक, ‘ओपन चैट विद फ्रेंड्स’ नाम के टेलीग्राम ग्रुप में एक यूजर आईडी का बार-बार प्रचार किया जा रहा था। दावा किया जाता था कि इस आईडी के जरिए प्रतिबंधित सामग्री मिल सकती है। देवेंद्र ने संबंधित यूजर आईडी पर संपर्क किया तो सामग्री उपलब्ध कराने के बदले रुपए मांगे गए। शिकायतकर्ता का कहना है कि मामले की पुष्टि करने और पुलिस को साक्ष्य उपलब्ध कराने के उद्देश्य से उन्होंने बताए गए माध्यम से भुगतान किया। इसके बाद उन्हें प्रतिबंधित सामग्री उपलब्ध कराई गई। उन्होंने ग्रुप, यूजर आईडी, बातचीत और भुगतान से जुड़े डिजिटल साक्ष्य पुलिस को देने की बात कही है। साइबर थाना पुलिस कर रही जांच साइबर सेल प्रभारी आशुतोष तिवारी ने बताया कि शिकायतकर्ता से मिले साक्ष्यों के आधार पर जांच की जा रही है। संबंधित लिंक और डिजिटल गतिविधियों की पड़ताल की जा रही है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। पिछले महीने भी सामने आया था मामला इससे पहले सितंबर में कपलाइन संस्था से मिले इनपुट के आधार पर बच्चों की अश्लील सामग्री के प्रसारण और बिक्री का मामला सामने आया था। जांच में जल संस्थान के पास रहने वाले सौरभ मिश्रा का नाम सामने आया था। साइबर थाने में 9 सितंबर को मुकदमा दर्ज किया गया था। बाद में मोबाइल फोन में ऐसी सामग्री नहीं मिलने पर सौरभ को नोटिस देकर छोड़ दिया गया था। सौरभ ने कहा था कि वह देखने के लिए सामग्री मंगाते थे और बाद में उसे डिलीट कर देते थे। बच्चों के यौन शोषण के मामले में दंपती को सजा अक्टूबर 2020 में सीबीआई दिल्ली ने सिंचाई विभाग के निलंबित जेई रामभवन और उनकी पत्नी दुर्गावती के खिलाफ बच्चों की अश्लील सामग्री बेचने के आरोप में मुकदमा दर्ज कराया था। मामले में रामभवन को फांसी और उनकी पत्नी को आजीवन कारावास की सजा हो चुकी है। आरोप था कि दंपती ने चित्रकूट में किराये के मकान में रहकर करीब 33 नाबालिग बच्चों का यौन शोषण किया और उनके वीडियो विदेश भेजे थे।

