बलरामपुर-रामानुजगंज जिले में मवेशी तस्करी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए रघुनाथनगर पुलिस ने फरार आरोपी जितेंद्र जायसवाल (34) को गिरफ्तार किया है। वह केसारी गांव का रहने वाला है। पुलिस के मुताबिक, वह स्थानीय स्तर पर मवेशियों की खरीद और सप्लाई करने का काम करता था। उसके खिलाफ पहले से मवेशी तस्करी के तीन अन्य मामले भी दर्ज हैं। 34 भैंसों को ले जाते समय पुलिस ने की थी कार्रवाई पुलिस के मुताबिक, 16 सितंबर 2026 को रघुनाथनगर पुलिस इलाके में गश्त कर रही थी। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि कुछ लोग केसारी गांव से मवेशियों को पैदल अवैध रूप से उत्तर प्रदेश ले जा रहे हैं। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने गांव में घेराबंदी की। पुलिस को देखकर तस्करी में शामिल लोगों ने भागने की कोशिश की। इस दौरान पुलिस ने दीपक सोनवानी (24), निवासी केसारी को मौके से गिरफ्तार कर लिया, जबकि बाकी आरोपी अंधेरे का फायदा उठाकर भाग निकले। मौके से पुलिस ने 34 भैंस जब्त की थीं। मुखबिर की सूचना पर पकड़ा गया मुख्य आरोपी घटना के बाद से पुलिस फरार आरोपियों की तलाश कर रही थी। इसके लिए विशेष टीम बनाई गई थी, जो उनके संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही थी। इसी दौरान मिली सूचना के आधार पर पुलिस ने जितेंद्र जायसवाल को हिरासत में लिया। पूछताछ और पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद उसे गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश करने की कार्रवाई की गई। पुलिस का आरोप है कि जितेंद्र गांव के किसानों और ग्रामीणों से कम कीमत पर मवेशी खरीदकर उन्हें एक जगह इकट्ठा करता था। इसके बाद जंगल के रास्तों से मवेशियों को एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाने में उसकी भूमिका रहती थी। पुलिस इस मामले में शामिल अन्य आरोपियों की भी तलाश कर रही है। पहले से दर्ज हैं मवेशी तस्करी के 3 मामले पुलिस के अनुसार, जितेंद्र जायसवाल के खिलाफ रघुनाथनगर थाने में मवेशी तस्करी से जुड़े तीन अन्य मामले दर्ज हैं। इनमें अपराध क्रमांक 26/2026, 127/2021 और 124/2025 शामिल हैं। इन मामलों में छत्तीसगढ़ कृषक पशु परिरक्षण अधिनियम, 2004 और पशु क्रूरता निवारण अधिनियम, 1960 की संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की गई है। पुलिस अब इस मामले से जुड़े अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी है।

