रायगढ़ में प्रोफ़ेसर को किडनैप करने वाले 4 आरोपी गिरफ्तार:घटना से 3 दिन पहले बनाई थी प्लानिंग, चाकू की नोक पर खाते से रकम ट्रांसफर कराकर की थी लूट

रायगढ़ में प्रोफ़ेसर को किडनैप करने वाले 4 आरोपी गिरफ्तार:घटना से 3 दिन पहले बनाई थी प्लानिंग, चाकू की नोक पर खाते से रकम ट्रांसफर कराकर की थी लूट

छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिला में एक प्रोफेसर के किडनैप का मामला सामने आया था। जिसमें एक युवक को पुलिस ने हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिसके बाद मामले का पूरा खुलासा हो गया उसने अपने तीन अन्य साथियों के साथ मिलकर घटना को अंजाम दिया। आरोपियों ने घटना से 3 दिन पहल अपहरण की योजना बनाई थी। मामला पुसौर थाना क्षेत्र का है। मिली जानकारी के मुताबिक ग्राम जकेला का रहने वाला प्रोफेसर कपूरचंद गुप्ता 47 साल सोमवार की शाम करीब 6 से 7 बजे के बीच गांव के डीपापारा व शोभा राइस मिल के पास इवनिंग वॉक कर रहे थे। थकान महसूस होने पर वे सड़क किनारे स्थित डबरी के पास माइलस्टोन पत्थर पर बैठकर आराम करने लगे। इसी दौरान आरोपियों ने सुनियोजित तरीके से उन्हें घेर लिया और पकड़कर डबरी की ओर ले गए। उनकी आंखों पर पट्टी बांध दी गई और पेट, गर्दन पर चाकू लगाकर जान से मारने की धमकी दी। इसके बाद आरोपियों ने उन्हें मोटरसाइकिल से दूसरे स्थान पर ले जाकर मारपीट की और मोबाइल फोन का पासवर्ड, Google Pay तथा BHIM UPI एप के पासवर्ड हासिल कर लिए। इसके बाद एक महिला के खाते का QR कोड मंगवाया और अलग-अलग ट्रांजेक्शन के माध्यम से रकम ट्रांसफर कराई। आरोपियों ने प्रोफेसर के खाते का ट्रांजेक्शन लिमिट समाप्त होने तक रकम निकालने की कोशिश की। इस दौरान पीड़ित को धमकाकर उसके घर फोन भी करवाया गया, ताकि परिजनों को किसी अनहोनी का संदेह न हो। पुलिस को दी गई मामले की सूचना रकम ट्रांसफर कराने के बाद आरोपियों ने पीड़ित की आंखों पर दोबारा पट्टी बांधी और उसे थाना भूपदेवपुर क्षेत्र के ग्राम पंडरीपानी में एक कमरे में बंधक बनाकर रखा। इधर, पीड़ित के परिजनों को फोन पर बातचीत के दौरान संदेह हुआ तो उन्होंने अपने स्तर पर जानकारी जुटाई और ग्राम पंडरीपानी पहुंच गए। परिजनों व ग्रामीणों के पहुंचने की भनक लगते ही आरोपी पीड़ित को छोड़कर मौके से फरार हो गए। इस दौरान मामले की सूचना पुलिस को दी गई।
संदेही सुनील सारथी को पहले पकड़ा ऐसे में पुलिस टीम भी तत्काल घटनास्थल पर पहुंची और पीड़ित को वहां मुक्त कराकर थाने लाया गया। मामले की रिपोर्ट पर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ अपराध कर उनकी पतासाजी शुरू की। पुलिस ने तत्काल अलग-अलग टीमों के माध्यम से आरोपियों की तलाश शुरू की। मामले में संदेही सुनील सारथी 32 साल निवासी छातामुड़ा को मुखबिर की सूचना पर सारंगढ़ क्षेत्र से पकड़ा।
आरोपियों को अलग अलग स्थान से गिरफ्तार किया इसके बाद पुलिस ने उससे पूछताछ की तो जानकारी हुआ कि अपहरण की योजना बनाने में सुनील सारथी, राजेंद्र कुमार 35 साल निवासी जकेला, नरेन्द्र महंत 34 साल निवासी जकेला व दिनेश सारथी 34 साल निवासी औरदा शामिल हैं। ऐसे में पुलिस ने उनकी भी तलाश शुरू की और तीनों को अलग-अलग स्थानों से गिरफ्तार कर लिया।
3 दिन पहले लुट की योजना बनाई थी इसके बाद सभी आरोपियों से पूछताछ शुरू की गई जहां उन्हें बताया कि घटना से करीब तीन दिन पहले राजेंद्र कुमार महंत और दिनेश सारथी, सुनील सारथी के छातामुड़ा स्थित घर पहुंचे थे, जहां तीनों ने मिलकर अपहरण कर रकम ऐंठने की योजना बनाई। इसके बाद 5 अक्टूबर की शाम तीनों आरोपी दिनेश सारथी के भाई की काले रंग की हीरो सीडी डीलक्स मोटरसाइकिल से ग्राम जकेला स्थित राइस मिल के पास पहुंचे। वहां उन्होंने प्रोफेसर कपूर चंद गुप्ता को सड़क किनारे अकेले बैठकर मोबाइल देखते हुए पाया।
चाकू की नोक पर डराया धमकाया आरोपियों ने अपनी योजना के अनुसार अलग-अलग रास्तों से प्रोफेसर के पास पहुंचकर उन्हें घेर लिया और धक्का देकर गिराने के बाद पकड़ लिया। इसके बाद उन्हें डबरी के पीछे सुनसान स्थान पर ले जाकर चाकू की नोक पर डराया-धमकाया व जान से मारने की धमकी देकर उनके मोबाइल फोन का पासवर्ड, Google Pay और BHIM UPI एप की जानकारी हासिल कर ली।
सुनसान मकान में बंधक बना कर रखा वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी पीड़ित को मोटरसाइकिल से खरसिया क्षेत्र की ओर ले गए, जहां कुछ देर रुकने के बाद उसे ग्राम पंडरीपानी, थाना भूपदेवपुर क्षेत्र में एक सुनसान मकान में बंधक बनाकर रखा। यहां भी आरोपी पीड़ित के मोबाइल से QR कोड के माध्यम से अलग-अलग ट्रांजेक्शन कर रकम अपने परिचित महिला के खाते में ट्रांसफर कराते रहे। परिजनों के पहुंचने पर भाग निकले आरोपियों ने पीड़ित को लगातार धमकाकर परिजनों से सामान्य बातचीत भी कराई, ताकि किसी को अपहरण की जानकारी न हो सके। हालांकि, बातचीत के दौरान परिजनों को संदेह हो गया और वे लोकेशन तलाश करते हुए ग्राम पंडरीपानी पहुंच गए। परिजनों व ग्रामीणों के वहां पहुंचने की भनक लगते ही आरोपी पीड़ित को छोड़कर मौके से फरार हो गए थे।
बाइक, मोबाइल और चाकू बरामद मामले मे पुलिस ने आरोपियों से कुल 99 हजार 100 नकद बरामद किया है। इसके अलावा आरोपी राजेंद्र महंत से एक मोबाइल फोन, नरेंद्र महंत से दो मोबाइल फोन, दिनेश सारथी से एक चाकू और उसकी निशानदेही पर ग्राम पंडरीपानी से घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल जब्त की गई है। जब्त सामग्री को प्रकरण में साक्ष्य के रूप में लिया गया है।
आरोपियों को न्यायालय में पेश कर रहे आरोपी सुनील सारथी को न्यायिक रिमांड पर भेजने की प्रक्रिया की जा रही है, जबकि शेष तीन आरोपियों राजेंद्र उर्फ प्रदीप महंत, दिनेश सारथी व नरेंद्र महंत को पुलिस रिमांड पर लेने के लिए न्यायालय में प्रस्तुत किया जा रहा है। वहीं पुलिस द्वारा आरोपियों की भूमिका, डिजिटल लेन-देन और जब्त सामग्री के संबंध में आगे की विवेचना की जा रही है।
अपराधियों पर पुलिस कड़ी कार्रवाई करेगी SSP शशि मोहन सिंह ने बताया कि अपहरण, लूट जैसे गंभीर अपराधों के खिलाफ पुलिस सख्त कार्रवाई करेगी। पुलिस ने 48 घंटे के भीतर काफी प्रयास से चार आरोपियों की गिरफ्तारी की है। अपराध कर कानून से बच निकलने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। मामले में आगे की विवेचना पुलिस कर रही है।

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