(हिमांक नेगी)
नयी दिल्ली, नौ अक्टूबर लंबी कूद की एथलीट शैली सिंह एशियाई खेलों में विवादास्पद चौथे स्थान पर रहने की निराशा से उबरकर आगामी प्रतियोगिताओं पर ध्यान केंद्रित कर रही हैं और वह भविष्य में भी त्रिकूद (ट्रिपल जंप) में अपना भाग्य आजमाना चाहती हैं। जापान में एशियाई खेलों में इस 22 वर्षीय खिलाड़ी ने महिलाओं की लंबी कूद में 6.42 मीटर के सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के साथ चौथा स्थान हासिल किया। भारत ने हालांकि उनके चौथे प्रयास के नाप के तरीके पर आपत्ति जताई थी।इसे आधिकारिक तौर पर 6.41 मीटर दर्ज किया गया था लेकिन भारत ने आरोप लगाया था कि अधिकारियों ने कूद की लंबाई कम नापी थी। भारत ने प्रतियोगिता के दौरान विरोध दर्ज किया था जिसको खारिज कर दिया गया। इसके बाद भारतीय एथलेटिक्स महासंघ ने खेल पंचाट के सामने यह मामला उठाया।शैली में पीटीआई से कहा, ‘‘जो कुछ हुआ वो मेरे लिए बिल्कुल नया था। उस समय मुझे कुछ भी समझ में नहीं आया। मुझे इससे उबरने में कई दिन लग गए।मैं इतने साल से मेहनत कर रही हूं लेकिन अगर मैं इसके बारे में ही सोचती रहूंगी तो उससे किसी तरह का फायदा नहीं होगा। मुझे इस घटना को भूलना होगा।’’
उन्होंने कहा, ‘‘हमने वहां भी आपत्ति दर्ज कराई थी और मामला अभी चल रहा है। फैसला जो भी हो मैं उसे स्वीकार करूंगी।’’
शैली ने कहा कि वह उस घटना में उलझे रहने के बजाय आगामी चुनौतियों पर ध्यान केंद्रित कर रही हैं।उन्होंने कहा, ‘‘मुझे आगामी प्रतियोगिता के लिए भी तैयार होना है। इसलिए मुझे पुरानी बातों को पीछे छोड़ना होगा और नई चीजों को स्वीकार करना होगा।’’
शैली ने 65वीं राष्ट्रीय ओपन एथलेटिक्स चैंपियनशिप में त्रिकूद में भी खुद को परखा और 13.31 मीटर के प्रयास के साथ कांस्य पदक जीता। उन्होंने हालांकि स्पष्ट किया की लंबी कूद ही उनकी प्राथमिकता है।उन्होंने कहा, ‘‘मैं त्रिकूद में खुद को आजमाना चाहती थी। मैंने इसका अभ्यास किया था। लेकिन लंबी कूद मेरी मुख्य स्पर्धा होगी।त्रिकूद मेरी सहायक स्पर्धा रहेगी। मुझे इसके लिए अधिक अभ्यास करना होगा।’’
शैली पिछले दो-तीन वर्षों से टखने की चोट से जूझ रही थीं, जिससे लंबी कूद में उनका प्रदर्शन प्रभावित हुआ। उन्होंने कहा, ‘‘मैं यह तो नहीं कह सकती कि मैं पूरी तरह से फिट हूं, लेकिन मैं चोट से उबर चुकी हूं।इस तरह से देखा जाए तो मैं काफी फिट हूं।
(हिमांक नेगी)
नयी दिल्ली, नौ अक्टूबर लंबी कूद की एथलीट शैली सिंह एशियाई खेलों में विवादास्पद चौथे स्थान पर रहने की निराशा से उबरकर आगामी प्रतियोगिताओं पर ध्यान केंद्रित कर रही हैं और वह भविष्य में भी त्रिकूद (ट्रिपल जंप) में अपना भाग्य आजमाना चाहती हैं। जापान में एशियाई खेलों में इस 22 वर्षीय खिलाड़ी ने महिलाओं की लंबी कूद में 6.42 मीटर के सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के साथ चौथा स्थान हासिल किया। भारत ने हालांकि उनके चौथे प्रयास के नाप के तरीके पर आपत्ति जताई थी।
इसे आधिकारिक तौर पर 6.41 मीटर दर्ज किया गया था लेकिन भारत ने आरोप लगाया था कि अधिकारियों ने कूद की लंबाई कम नापी थी। भारत ने प्रतियोगिता के दौरान विरोध दर्ज किया था जिसको खारिज कर दिया गया। इसके बाद भारतीय एथलेटिक्स महासंघ ने खेल पंचाट के सामने यह मामला उठाया।
शैली में पीटीआई से कहा, ‘‘जो कुछ हुआ वो मेरे लिए बिल्कुल नया था। उस समय मुझे कुछ भी समझ में नहीं आया। मुझे इससे उबरने में कई दिन लग गए।
मैं इतने साल से मेहनत कर रही हूं लेकिन अगर मैं इसके बारे में ही सोचती रहूंगी तो उससे किसी तरह का फायदा नहीं होगा। मुझे इस घटना को भूलना होगा।’’
उन्होंने कहा, ‘‘हमने वहां भी आपत्ति दर्ज कराई थी और मामला अभी चल रहा है। फैसला जो भी हो मैं उसे स्वीकार करूंगी।’’
शैली ने कहा कि वह उस घटना में उलझे रहने के बजाय आगामी चुनौतियों पर ध्यान केंद्रित कर रही हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘मुझे आगामी प्रतियोगिता के लिए भी तैयार होना है। इसलिए मुझे पुरानी बातों को पीछे छोड़ना होगा और नई चीजों को स्वीकार करना होगा।’’
शैली ने 65वीं राष्ट्रीय ओपन एथलेटिक्स चैंपियनशिप में त्रिकूद में भी खुद को परखा और 13.31 मीटर के प्रयास के साथ कांस्य पदक जीता। उन्होंने हालांकि स्पष्ट किया की लंबी कूद ही उनकी प्राथमिकता है।
उन्होंने कहा, ‘‘मैं त्रिकूद में खुद को आजमाना चाहती थी। मैंने इसका अभ्यास किया था। लेकिन लंबी कूद मेरी मुख्य स्पर्धा होगी।
त्रिकूद मेरी सहायक स्पर्धा रहेगी। मुझे इसके लिए अधिक अभ्यास करना होगा।’’
शैली पिछले दो-तीन वर्षों से टखने की चोट से जूझ रही थीं, जिससे लंबी कूद में उनका प्रदर्शन प्रभावित हुआ। उन्होंने कहा, ‘‘मैं यह तो नहीं कह सकती कि मैं पूरी तरह से फिट हूं, लेकिन मैं चोट से उबर चुकी हूं।
इस तरह से देखा जाए तो मैं काफी फिट हूं।
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