42 साल पुरानी थी महेश मांजरेकर और नाना पाटेकर की दोस्ती, सेट पर हुई उस घटना को किया याद, बोले- उनके टैलेंट के लायक सब्जेक्ट नहीं मिला

42 साल पुरानी थी महेश मांजरेकर और नाना पाटेकर की दोस्ती, सेट पर हुई उस घटना को किया याद, बोले- उनके टैलेंट के लायक सब्जेक्ट नहीं मिला

Nana Patekar Emotional Tribute: दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर के निधन से फिल्म इंडस्ट्री में शोक की लहर है। उनके करीबी रहे निर्देशक और अभिनेता महेश मांजरेकर भी इस खबर से गहरे दुख में हैं। महेश नाना को करीब 42 साल से जानते थे और दोनों का रिश्ता सिर्फ फिल्मों तक सीमित नहीं था, बल्कि थिएटर के दिनों से ही उनके बीच गहरा जुड़ाव था। नाना को याद करते हुए महेश ने कहा कि उनके लिए यह नुकसान मां-पिता को खोने के बाद सबसे बड़ा है।

महेश मांजरेकर ने साल 2016 में आई मराठी फिल्म ‘नटसम्राट’ का निर्देशन किया था, जिसमें नाना पाटेकर ने मुख्य भूमिका निभाई थी। महेश के मुताबिक, वो नाना के साथ दोबारा काम करना चाहते थे, लेकिन उन्हें ऐसा कोई विषय नहीं मिला, जो अभिनेता की प्रतिभा के साथ न्याय कर सके।

थिएटर के दिनों से थी 42 साल पुरानी दोस्ती

महेश मांजरेकर ने नाना पाटेकर के साथ अपने पुराने दिनों को याद करते हुए बताया कि दोनों की मुलाकात थिएटर के दौर में हुई थी। वो करीब 42 साल से नाना को जानते थे।

महेश ने एक घटना का जिक्र करते हुए बताया कि एक बार वे नाना के फिल्म सेट पर गए थे। उस समय वे इंडस्ट्री में नए थे और लोग उन्हें ज्यादा नहीं जानते थे। सेट पर किसी ने उन्हें वहां से हटाने की कोशिश की, लेकिन नाना इस बात पर नाराज हो गए। महेश के मुताबिक, उस समय भी वे नाना को महाराष्ट्र की शान मानते थे।

पत्नी मेधा का हालचाल पूछते रहते थे नाना

महेश मांजरेकर ने बताया कि कुछ ही दिन पहले वह और उनकी पत्नी मेधा मांजरेकर नाना पाटेकर से मिलने की योजना बना रहे थे। नाना उनके परिवार के बेहद करीब थे और मेधा का हालचाल भी पूछते रहते थे।

महेश ने बताया कि नाना उन्हें ‘सरकार’ कहकर बुलाते थे। यह संबोधन उनकी फिल्म ‘नटसम्राट’ से भी जुड़ा है, जिसमें दोनों ने साथ काम किया था। महेश के मुताबिक, नाना उनके लिए परिवार के सदस्य जैसे थे। खासकर जब मेधा मांजरेकर को कैंसर होने का पता चला था, तब भी नाना उनकी सेहत के बारे में पूछते रहते थे। महेश की बातें बताती हैं कि नाना पाटेकर के साथ उनका रिश्ता केवल एक निर्देशक और अभिनेता का नहीं, बल्कि कई दशकों की दोस्ती और पारिवारिक अपनापन का था।

‘मराठी फिल्म इंडस्ट्री ने अपना एक स्तंभ खो दिया’

नाना पाटेकर के निधन पर दुख जताते हुए महेश मांजरेकर ने कहा, “मेरी मां और पिता के बाद यह मेरे लिए सबसे बड़ा नुकसान है। हमने विक्रम गोखले को खोया और अब नाना को भी खो दिया, जो मराठी फिल्म इंडस्ट्री के स्तंभ थे। मुझे यकीन नहीं हो रहा कि वह अब हमारे बीच नहीं हैं। इस एहसास को शब्दों में बयां नहीं कर सकता।”

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