Reuse Tea Leaves: चाय बनाने के बाद बची हुई चायपत्ती को अक्सर लोग बेकार समझकर फेंक देते हैं, जबकि इसका इस्तेमाल घर के कई छोटे-मोटे कामों में किया जा सकता है। पौधों के लिए खाद बनाने से लेकर बदबू कम करने और क्राफ्ट के कामों तक, चायपत्ती को दोबारा इस्तेमाल करने के कई तरीके हैं। इससे कचरा कम करने में भी मदद मिल सकती है। आइए जानते हैं, इस्तेमाल की हुई चायपत्ती को किन-किन तरीकों से दोबारा काम में लिया जा सकता है।
खाद बनाने में करें इस्तेमाल
चाय बनाने के बाद बची पत्ती को फेंकने की बजाय कंपोस्ट में मिलाया जा सकता है। चायपत्ती में कुछ पोषक तत्व होते हैं, जो दूसरे जैविक कचरे के साथ मिलकर खाद बनाने में मदद कर सकते हैं। इस खाद का इस्तेमाल पौधों की मिट्टी को बेहतर बनाने के लिए किया जा सकता है। इसके लिए सबसे पहले चायपत्ती को अच्छी तरह छान लें, ताकि उसमें दूध और चीनी के बचे हुए अंश न रहें। इसके बाद इसे कंपोस्ट में मिला दें। ध्यान रखें कि गीली चायपत्ती को गमले की मिट्टी पर मोटी परत में न डालें। इससे नमी बढ़ सकती है और फफूंद लगने का खतरा रहता है। साथ ही, हर पौधे की जरूरत अलग होती है, इसलिए चायपत्ती का इस्तेमाल सीमित मात्रा में ही करें।
बर्तनों की सफाई में करें इस्तेमाल
खाना बनाने के बाद कड़ाही, तवा और दूसरे बर्तनों पर तेल और चिकनाई जम जाती है। ऐसे में बची हुई चायपत्ती को घरेलू उपाय के तौर पर इस्तेमाल करके देख सकते हैं। इसके लिए थोड़ी सी इस्तेमाल की हुई चायपत्ती को गर्म पानी के साथ बर्तन में कुछ देर छोड़ दें। इसके बाद बर्तन को डिशवॉश लिक्विड और पानी से अच्छी तरह धो लें। ध्यान दें, नॉन स्टिक बर्तनों या ऐसी सतहों पर चायपत्ती को रगड़कर साफ न करें, जिन पर खरोंच आ सकती है।
बदबू कम करने में आएगी काम
फ्रिज में रखे खाने की वजह से कई बार अजीब सी बदबू आने लगती है। ऐसे में इस्तेमाल की हुई चायपत्ती को अच्छी तरह साफ करके और सुखाकर बदबू कम करने के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है। इसके लिए सूखी चायपत्ती को एक छोटी कटोरी या पोटली में भरकर फ्रिज में रख दें। इसी तरह, जूतों या अलमारी में आने वाली हल्की बदबू कम करने के लिए भी सूखी चायपत्ती का इस्तेमाल कर सकते हैं। लेकिन ध्यान रखें कि चायपत्ती पूरी तरह सूखी होनी चाहिए। गीली पत्ती रखने से सीलन और फफूंद लग सकती है।
फर्नीचर पर भी कर सकते हैं इस्तेमाल
लकड़ी की टेबल या दूसरे फर्नीचर को साफ करने के लिए बची हुई चायपत्ती को दोबारा गर्म पानी में डालकर कुछ देर छोड़ दें। फिर पानी को छानकर पूरी तरह ठंडा कर लें। इसके बाद मुलायम कपड़े को पानी में हल्का भिगोकर लकड़ी के फर्नीचर को साफ करें। चाय में मौजूद टैनिन की वजह से लकड़ी का रंग थोड़ा गहरा हो सकता है। ध्यान दें, हल्के रंग की लकड़ी या बिना पॉलिश वाले फर्नीचर पर इसका इस्तेमाल करने से बचें।
कपड़ों और कागज को रंगने के लिए करें इस्तेमाल
अगर आपको घर पर क्राफ्ट करना पसंद है, तो चायपत्ती की मदद से कागज या कपड़ों को रंगने के लिए भी इस्तेमाल कर सकते हैं। इसके लिए इस्तेमाल की हुई चायपत्ती को पानी में दोबारा उबालें या गर्म पानी में कुछ देर भिगोकर रखें। फिर पानी को छानकर ठंडा कर लें। अब कागज या कपड़े के छोटे टुकड़े को इस पानी में डुबोकर देखें कि रंग कैसा आता है। अगर ज्यादा गहरा रंग चाहिए, तो कपड़े या कागज को कुछ देर और भिगोकर रख सकते हैं।

