बिहार के पूर्व केंद्रीय मंत्री और स्वर्गीय नेता रामविलास पासवान की जयंती अब राजकीय समारोह के रूप में मनाई जाएगी। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने फोन पर चिराग पासवान को इसकी जानकारी दी। इसके बाद चिराग पासवान ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर बिहार सरकार के इस फैसले के लिए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का आभार जताया। चिराग बोले- ये मेरे लिए गर्व का पल है चिराग पासवान ने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा कि “मेरे नेता-मेरे पिता श्रद्धेय रामविलास पासवान की जयंती को राजकीय समारोह के रूप में मनाने के लिए मैं अपने और अपने परिवार की ओर से आभार प्रकट करता हूं।” मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने फोन कर उन्हें बताया कि रामविलास पासवान की जयंती को राजकीय समारोह के रूप में मनाया जाएगा। चिराग ने इसे अपने लिए गर्व का पल बताया। सामाजिक न्याय और वंचितों की आवाज के लिए समर्पित रहा जीवन चिराग पासवान ने कहा, पिता का जीवन केवल राजनीतिक यात्रा नहीं थी, बल्कि सामाजिक न्याय, वंचितों की आवाज और राष्ट्रसेवा के लिए समर्पित एक लंबा संघर्ष था। उन्होंने सार्वजनिक जीवन के हर पड़ाव पर समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति के अधिकार, सम्मान और अवसर की लड़ाई लड़ी। बिहार की धरती से निकलकर रामविलास पासवान ने देश की राजनीति में अपनी ऐसी पहचान बनाई, जो आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत बनी रहेगी। कहा- पापा आज हमारे बीच नहीं, लेकिन उनके विचार-संघर्ष साथ चिराग पासवान ने कहा, रामविलास पासवान आज उनके बीच नहीं हैं, लेकिन उनके विचार, संघर्ष और उनके द्वारा स्थापित मूल्यों की विरासत आज भी उनके साथ है। उन्होंने कहा कि वह अपने पिता के अधूरे सपनों और सामाजिक सरोकारों को आगे बढ़ाने का लगातार प्रयास करते रहेंगे। चिराग ने अपने पोस्ट में बताया कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने फोन कॉल के माध्यम से उन्हें रामविलास पासवान की जयंती को राजकीय समारोह के रूप में मनाए जाने की जानकारी दी। उन्होंने इस फैसले के लिए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और भाजपा अध्यक्ष नितिन नबीन का विशेष रूप से आभार जताया। इसके साथ ही चिराग पासवान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के प्रति भी आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि रामविलास पासवान की जयंती को राजकीय समारोह के रूप में मनाने का निर्णय उनके परिवार के लिए गर्व और भावनात्मक सम्मान का विषय है। सम्राट चौधरी ने भी रामविलास पासवान को किया नमन इससे पहले मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सोशल मीडिया पर रामविलास पासवान को उनकी पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि दी। उन्होंने रामविलास पासवान को “बिहार के महान सपूत, पूर्व केंद्रीय मंत्री और पद्म भूषण स्वर्गीय रामविलास पासवान” बताते हुए उन्हें नमन किया। मुख्यमंत्री ने लिखा कि रामविलास पासवान ने अपना संपूर्ण जीवन राष्ट्र निर्माण और समाज की सेवा के लिए समर्पित कर दिया। उनके योगदान, विचारों और सार्वजनिक जीवन में उनकी अमूल्य भूमिका को सम्मान देते हुए आने वाले वर्षों से उनकी जयंती, जो 5 जुलाई को होती है, राजकीय समारोह के रूप में मनाई जाएगी। बिहार के पूर्व केंद्रीय मंत्री और स्वर्गीय नेता रामविलास पासवान की जयंती अब राजकीय समारोह के रूप में मनाई जाएगी। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने फोन पर चिराग पासवान को इसकी जानकारी दी। इसके बाद चिराग पासवान ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर बिहार सरकार के इस फैसले के लिए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का आभार जताया। चिराग बोले- ये मेरे लिए गर्व का पल है चिराग पासवान ने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा कि “मेरे नेता-मेरे पिता श्रद्धेय रामविलास पासवान की जयंती को राजकीय समारोह के रूप में मनाने के लिए मैं अपने और अपने परिवार की ओर से आभार प्रकट करता हूं।” मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने फोन कर उन्हें बताया कि रामविलास पासवान की जयंती को राजकीय समारोह के रूप में मनाया जाएगा। चिराग ने इसे अपने लिए गर्व का पल बताया। सामाजिक न्याय और वंचितों की आवाज के लिए समर्पित रहा जीवन चिराग पासवान ने कहा, पिता का जीवन केवल राजनीतिक यात्रा नहीं थी, बल्कि सामाजिक न्याय, वंचितों की आवाज और राष्ट्रसेवा के लिए समर्पित एक लंबा संघर्ष था। उन्होंने सार्वजनिक जीवन के हर पड़ाव पर समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति के अधिकार, सम्मान और अवसर की लड़ाई लड़ी। बिहार की धरती से निकलकर रामविलास पासवान ने देश की राजनीति में अपनी ऐसी पहचान बनाई, जो आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत बनी रहेगी। कहा- पापा आज हमारे बीच नहीं, लेकिन उनके विचार-संघर्ष साथ चिराग पासवान ने कहा, रामविलास पासवान आज उनके बीच नहीं हैं, लेकिन उनके विचार, संघर्ष और उनके द्वारा स्थापित मूल्यों की विरासत आज भी उनके साथ है। उन्होंने कहा कि वह अपने पिता के अधूरे सपनों और सामाजिक सरोकारों को आगे बढ़ाने का लगातार प्रयास करते रहेंगे। चिराग ने अपने पोस्ट में बताया कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने फोन कॉल के माध्यम से उन्हें रामविलास पासवान की जयंती को राजकीय समारोह के रूप में मनाए जाने की जानकारी दी। उन्होंने इस फैसले के लिए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और भाजपा अध्यक्ष नितिन नबीन का विशेष रूप से आभार जताया। इसके साथ ही चिराग पासवान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के प्रति भी आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि रामविलास पासवान की जयंती को राजकीय समारोह के रूप में मनाने का निर्णय उनके परिवार के लिए गर्व और भावनात्मक सम्मान का विषय है। सम्राट चौधरी ने भी रामविलास पासवान को किया नमन इससे पहले मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सोशल मीडिया पर रामविलास पासवान को उनकी पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि दी। उन्होंने रामविलास पासवान को “बिहार के महान सपूत, पूर्व केंद्रीय मंत्री और पद्म भूषण स्वर्गीय रामविलास पासवान” बताते हुए उन्हें नमन किया। मुख्यमंत्री ने लिखा कि रामविलास पासवान ने अपना संपूर्ण जीवन राष्ट्र निर्माण और समाज की सेवा के लिए समर्पित कर दिया। उनके योगदान, विचारों और सार्वजनिक जीवन में उनकी अमूल्य भूमिका को सम्मान देते हुए आने वाले वर्षों से उनकी जयंती, जो 5 जुलाई को होती है, राजकीय समारोह के रूप में मनाई जाएगी।

