रामपुर में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की बर्खास्तगी की मांग को लेकर गुरुवार दोपहर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। कांग्रेसी कलेक्ट्रेट पहुंचकर सिटी मजिस्ट्रेट को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन देना चाहते थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें रास्ते में ही रोक लिया। इसके बाद करीब दो घंटे तक मौके पर नारेबाजी होती रही। पुलिस ने कांग्रेसियों को कलेक्ट्रेट नहीं जाने दिया और दोपहर करीब ढाई बजे उनसे ज्ञापन ले लिया। गुरुवार सुबह से ही कांग्रेस कार्यकर्ता एकत्र होने लगे थे। दोपहर करीब 12:30 बजे पुलिस को कांग्रेसियों के कलेक्ट्रेट जाने की जानकारी मिली। इसके बाद सीओ सिटी, सिविल लाइंस थाना प्रभारी ओंकार सिंह और सिटी मजिस्ट्रेट पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने कांग्रेसियों को आगे बढ़ने से रोकने के लिए घेरा बना लिया। कांग्रेस कार्यकर्ता मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की बर्खास्तगी की मांग से संबंधित ज्ञापन राष्ट्रपति को सिटी मजिस्ट्रेट के माध्यम से देना चाहते थे। उन्होंने पुलिस के घेरे को पार करने की कोशिश की, लेकिन पुलिसकर्मियों ने उन्हें रोक दिया। इस दौरान पुलिस और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच काफी देर तक धक्का-मुक्की जैसी स्थिति बनी रही। दो घंटे तक नारेबाजी, कार्रवाई की मांग करीब दो घंटे तक कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने ज्ञानेश कुमार की बर्खास्तगी की मांग को लेकर नारेबाजी की। कांग्रेस जिलाध्यक्ष निक्कू पंडित और पूर्व विधायक संजय कपूर ने कहा कि यह गुस्सा अब लोगों के दिमाग में ही नहीं, बल्कि उनकी जुबान पर भी आ गया है। उन्होंने ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। पुलिस ने लिया राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन करीब ढाई बजे पुलिस अधिकारियों ने कांग्रेसियों से ज्ञापन ले लिया। उन्हें भरोसा दिलाया गया कि ज्ञापन राष्ट्रपति तक पहुंचाया जाएगा। कांग्रेस की ओर से दिए गए ज्ञापन में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ जल्द कार्रवाई करने और उनकी बर्खास्तगी की मांग की गई है। कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने कहा कि अब इस मामले में कार्रवाई होनी चाहिए।

