सीवान में बुधवार की देर शाम थाना से करीब 500 मीटर की दूरी पर दो राउंड फायरिंग के बाद युवक को चाकू मारकर गंभीर रूप से घायल कर दिया गया। घटनास्थल पर खड़ी करीब तीन मोटरसाइकिलों में पेट्रोल छिड़ककर आग लगा दी गई। तेज बारिश के कारण आग अपने आप बुझ गई, जिससे बड़ा हादसा टल गया। घटना बड़हरिया थाना क्षेत्र की है। घायल युवक की पहचान हरदिया टोला निवासी इफ्तेखार अहमद के बेटे जामिद अहमद(22) के रूप में हुई है। पीड़ित और उसके परिजनों ने बड़हरिया थानाध्यक्ष छोटन कुमार पर गंभीर लापरवाही और मामले में समय रहते कार्रवाई नहीं करने का आरोप लगाया है। 35 कट्ठा जमीन को लेकर चल रहा था विवाद परिजनों के अनुसार करीब 35 कट्ठा जमीन को लेकर जुल्फेकार अहमद उर्फ मिट्ठू बाबू से लंबे समय से विवाद चल रहा है। विवादित जमीन पर धारा 144 का आदेश भी निर्गत है। आरोप है कि इसके बावजूद आदेश के अनुपालन और विवाद रोकने को लेकर थाना स्तर से प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। परिजनों के अनुसार बुधवार सुबह भी विवाद को लेकर मारपीट हुई। इसके बाद कई बार थानाध्यक्ष को फोन किया गया, लेकिन फोन रिसीव नहीं हुआ। परिजन थाना पहुंचे और करीब चार घंटे तक शिकायत दर्ज कराने तथा थानाध्यक्ष से मिलने का इंतजार करते रहे, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। इसी बीच देर शाम विवादित जमीन पर दोबारा पहुंचे लोगों ने फायरिंग की। दो गोलियां चलने के बाद जामिद को चाकू मार दिया गया और तीन बाइकें जला दी गईं। थाना प्रभारी ने घायल का फर्द बयान किया दर्ज घायल को स्थानीय लोगों की मदद से पीएचसी पहुंचाया गया, जहां से सदर अस्पताल रेफर किया गया। स्थिति गंभीर होने पर चिकित्सकों ने उसे पटना रेफर कर दिया। पीड़ित के आरोपों के मुताबिक बड़हरिया पुलिस न घटनास्थल पहुंची और न ही पीएचसी। बाद में नगर थाना प्रभारी अविनाश कुमार ने सदर अस्पताल में घायल का फर्द बयान दर्ज किया। बताया जा रहा है कि थानाध्यक्ष छोटन कुमार के खिलाफ पूर्व में भी थाना संचालन में लापरवाही और मनमाने रवैये को लेकर शिकायतें सामने आती रही हैं। इसके बावजूद एसपी स्तर पर शिकायतों के बाद कार्रवाई नहीं होने का आरोप है। अब ताजा घटना में पुलिस की भूमिका और समय पर कार्रवाई नहीं किए जाने को लेकर सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, बड़हरिया थानाध्यक्ष छोटन कुमार ने आरोपों को बेबुनियाद बताया। उनका कहना है कि घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही थी और सदर अस्पताल में भी पुलिस टीम भेजी गई थी, लेकिन पीड़ित पक्ष बात करने को तैयार नहीं था। सीवान में बुधवार की देर शाम थाना से करीब 500 मीटर की दूरी पर दो राउंड फायरिंग के बाद युवक को चाकू मारकर गंभीर रूप से घायल कर दिया गया। घटनास्थल पर खड़ी करीब तीन मोटरसाइकिलों में पेट्रोल छिड़ककर आग लगा दी गई। तेज बारिश के कारण आग अपने आप बुझ गई, जिससे बड़ा हादसा टल गया। घटना बड़हरिया थाना क्षेत्र की है। घायल युवक की पहचान हरदिया टोला निवासी इफ्तेखार अहमद के बेटे जामिद अहमद(22) के रूप में हुई है। पीड़ित और उसके परिजनों ने बड़हरिया थानाध्यक्ष छोटन कुमार पर गंभीर लापरवाही और मामले में समय रहते कार्रवाई नहीं करने का आरोप लगाया है। 35 कट्ठा जमीन को लेकर चल रहा था विवाद परिजनों के अनुसार करीब 35 कट्ठा जमीन को लेकर जुल्फेकार अहमद उर्फ मिट्ठू बाबू से लंबे समय से विवाद चल रहा है। विवादित जमीन पर धारा 144 का आदेश भी निर्गत है। आरोप है कि इसके बावजूद आदेश के अनुपालन और विवाद रोकने को लेकर थाना स्तर से प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। परिजनों के अनुसार बुधवार सुबह भी विवाद को लेकर मारपीट हुई। इसके बाद कई बार थानाध्यक्ष को फोन किया गया, लेकिन फोन रिसीव नहीं हुआ। परिजन थाना पहुंचे और करीब चार घंटे तक शिकायत दर्ज कराने तथा थानाध्यक्ष से मिलने का इंतजार करते रहे, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। इसी बीच देर शाम विवादित जमीन पर दोबारा पहुंचे लोगों ने फायरिंग की। दो गोलियां चलने के बाद जामिद को चाकू मार दिया गया और तीन बाइकें जला दी गईं। थाना प्रभारी ने घायल का फर्द बयान किया दर्ज घायल को स्थानीय लोगों की मदद से पीएचसी पहुंचाया गया, जहां से सदर अस्पताल रेफर किया गया। स्थिति गंभीर होने पर चिकित्सकों ने उसे पटना रेफर कर दिया। पीड़ित के आरोपों के मुताबिक बड़हरिया पुलिस न घटनास्थल पहुंची और न ही पीएचसी। बाद में नगर थाना प्रभारी अविनाश कुमार ने सदर अस्पताल में घायल का फर्द बयान दर्ज किया। बताया जा रहा है कि थानाध्यक्ष छोटन कुमार के खिलाफ पूर्व में भी थाना संचालन में लापरवाही और मनमाने रवैये को लेकर शिकायतें सामने आती रही हैं। इसके बावजूद एसपी स्तर पर शिकायतों के बाद कार्रवाई नहीं होने का आरोप है। अब ताजा घटना में पुलिस की भूमिका और समय पर कार्रवाई नहीं किए जाने को लेकर सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, बड़हरिया थानाध्यक्ष छोटन कुमार ने आरोपों को बेबुनियाद बताया। उनका कहना है कि घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही थी और सदर अस्पताल में भी पुलिस टीम भेजी गई थी, लेकिन पीड़ित पक्ष बात करने को तैयार नहीं था।

