गयाजी में हथियारों का जखीरा बरामद:जंगल में जमीन के अंदर छिपाकर रखा था; 9 एमएम की कार्बाइन, मैगजीन समेत 92 कारतूस मिले

गयाजी में हथियारों का जखीरा बरामद:जंगल में जमीन के अंदर छिपाकर रखा था; 9 एमएम की कार्बाइन, मैगजीन समेत 92 कारतूस मिले

गयाजी में एसएसपी ने बड़ी कार्रवाई की है। धनगाई थाना क्षेत्र में हथियारों का जखीरा मिला है। जमीन के अंदर प्लास्टिक में पैक रखा गया था। बिहार-झारखंड सीमा से सटे घने जंगल में एसएसबी और जिला पुलिस की संयुक्त टीम ने बरामद किया। बरामद हथियारों में 9 एमएम की कार्बाइन, दो मैगजीन, देसी भरमार राइफल, कट्टा और पिस्तौल शामिल है। इसके अलावा एक वॉकी-टॉकी भी मिला है। हथियारों के साथ कुल 92 कारतूस बरामद किए गए हैं। तिलेटाड़-हिसीर मार्ग पर चला सर्च ऑपरेशन तिलेटाड़ से हिसीर जाने वाले रास्ते पर एसएसबी और जिला पुलिस की टीम ने सर्च ऑपरेशन शुरू किया था। जंगल काफी घना और दुर्गम है। जवानों ने सतर्कता के साथ इलाके की तलाशी शुरू की। इसी दौरान जमीन के एक हिस्से में संदिग्ध गतिविधि के संकेत मिले। जवानों को शक हुआ कि यहां कुछ छिपाया गया है। इसके बाद उस जगह की खुदाई शुरू की गई। मिट्‌टी हटाते ही प्लास्टिक में पैक सामान दिखाई दिया। पैकेट खोला गया तो उसमें हथियार और कारतूस थे। इसके बाद पूरे इलाके को सुरक्षित कर लिया गया। सुरक्षाबलों के अनुसार, बरामद कारतूसों में 9 एमएम के 79 और 7.62 एमएम के 13 कारतूस हैं। कुल 92 कारतूस मिले हैं। कार्बाइन की दो मैगजीन भी बरामद हुई है। नक्सली कनेक्शन की जांच तेज जंगल में इस तरह हथियार छिपाकर रखने के बाद नक्सली कनेक्शन की जांच शुरू कर दी गई है। प्रारंभिक तौर पर आशंका है कि हथियारों को नक्सली गतिविधियों से जुड़े लोगों ने छिपाया होगा। हालांकि, पुलिस ने अभी इसकी पुष्टि नहीं की है।जांच टीम यह पता लगा रही है कि हथियार किसने यहां छिपाए थे। इन्हें कब लाया गया था और किस वारदात में इस्तेमाल किया जाना था। इसकी भी पड़ताल की जा रही है। पुलिस इलाके में पूर्व में नक्सली गतिविधियों से जुड़े लोगों की जानकारी जुटा रही है। बरामद हथियारों की भी जांच कराई जाएगी। गयाजी में एसएसपी ने बड़ी कार्रवाई की है। धनगाई थाना क्षेत्र में हथियारों का जखीरा मिला है। जमीन के अंदर प्लास्टिक में पैक रखा गया था। बिहार-झारखंड सीमा से सटे घने जंगल में एसएसबी और जिला पुलिस की संयुक्त टीम ने बरामद किया। बरामद हथियारों में 9 एमएम की कार्बाइन, दो मैगजीन, देसी भरमार राइफल, कट्टा और पिस्तौल शामिल है। इसके अलावा एक वॉकी-टॉकी भी मिला है। हथियारों के साथ कुल 92 कारतूस बरामद किए गए हैं। तिलेटाड़-हिसीर मार्ग पर चला सर्च ऑपरेशन तिलेटाड़ से हिसीर जाने वाले रास्ते पर एसएसबी और जिला पुलिस की टीम ने सर्च ऑपरेशन शुरू किया था। जंगल काफी घना और दुर्गम है। जवानों ने सतर्कता के साथ इलाके की तलाशी शुरू की। इसी दौरान जमीन के एक हिस्से में संदिग्ध गतिविधि के संकेत मिले। जवानों को शक हुआ कि यहां कुछ छिपाया गया है। इसके बाद उस जगह की खुदाई शुरू की गई। मिट्‌टी हटाते ही प्लास्टिक में पैक सामान दिखाई दिया। पैकेट खोला गया तो उसमें हथियार और कारतूस थे। इसके बाद पूरे इलाके को सुरक्षित कर लिया गया। सुरक्षाबलों के अनुसार, बरामद कारतूसों में 9 एमएम के 79 और 7.62 एमएम के 13 कारतूस हैं। कुल 92 कारतूस मिले हैं। कार्बाइन की दो मैगजीन भी बरामद हुई है। नक्सली कनेक्शन की जांच तेज जंगल में इस तरह हथियार छिपाकर रखने के बाद नक्सली कनेक्शन की जांच शुरू कर दी गई है। प्रारंभिक तौर पर आशंका है कि हथियारों को नक्सली गतिविधियों से जुड़े लोगों ने छिपाया होगा। हालांकि, पुलिस ने अभी इसकी पुष्टि नहीं की है।जांच टीम यह पता लगा रही है कि हथियार किसने यहां छिपाए थे। इन्हें कब लाया गया था और किस वारदात में इस्तेमाल किया जाना था। इसकी भी पड़ताल की जा रही है। पुलिस इलाके में पूर्व में नक्सली गतिविधियों से जुड़े लोगों की जानकारी जुटा रही है। बरामद हथियारों की भी जांच कराई जाएगी।  

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