झाबुआ में 180 सफाईकर्मियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल:रात में कचरा वाहन निकालने पर विवाद; शहर में जगह-जगह ढेर

झाबुआ में 180 सफाईकर्मियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल:रात में कचरा वाहन निकालने पर विवाद; शहर में जगह-जगह ढेर

झाबुआ नगर पालिका परिसर में बुधवार रात सफाईकर्मियों और प्रशासन के बीच तीखी बहस हो गई। सफाईकर्मियों ने कचरा वाहन बाहर निकालने का विरोध किया। उनका कहना था कि मांगें पूरी होने तक कोई भी वाहन बाहर नहीं जाएगा। विवाद बढ़ने पर एसडीएम महेश मंडलोई और पुलिस बल मौके पर पहुंचे। समझाइश के बाद प्रशासन द्वारा गुरुवार तक का समय मांगे जाने पर मामला शांत हुआ। इस दौरान एक महिला सफाईकर्मी अपनी मांगों को लेकर अड़ गई। प्रशासन और अन्य कर्मचारियों ने उसे समझाकर शांत कराया। इसके बाद स्थिति सामान्य हुई। 18 वार्डों में नहीं पहुंची कचरा गाड़ियां नगर पालिका के करीब 180 कर्मचारी बुधवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं। पहले ही दिन इसका असर सफाई व्यवस्था पर दिखाई दिया। शहर के सभी 18 वार्डों में घर-घर कचरा उठाने वाले वाहन नहीं पहुंचे। 9 कचरा वाहन और 7 ट्रैक्टरों के खड़े रहने से कई इलाकों में कचरे के ढेर लग गए। दो महीने से वेतन नहीं मिलने का आरोप हड़ताल कर रहे कर्मचारियों का आरोप है कि उन्हें पिछले दो माह से वेतन नहीं मिला है। करीब 10 महीने से ईपीएफ की राशि भी खातों में जमा नहीं की गई है। कर्मचारियों की 20 वर्ष की सेवा पूरी होने पर नियमितीकरण, वर्ष 2016 के दैनिक वेतनभोगियों का विनियमितीकरण और मृत कर्मचारियों के आश्रितों को अनुकंपा नियुक्ति व अनुग्रह राशि देने की मांग भी लंबित है। 25 तक वेतन देने का भरोसा, कर्मचारी अड़े प्रशासन ने 25 तारीख तक बकाया वेतन देने का भरोसा दिया है, लेकिन कर्मचारी ठोस कार्रवाई की मांग पर अड़े हैं। राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी महासंघ के जिला अध्यक्ष कालिया नाडिया ने कहा कि मांगों पर ठोस कार्रवाई होने तक हड़ताल जारी रहेगी। कर्मचारियों ने जनहित को देखते हुए पेयजल, फायर और बिजली जैसी आपात सेवाओं से जुड़े कर्मचारियों को ड्यूटी पर रखने की बात कही है।

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