ट्रंप का बड़ा दावा: ईरान की परमाणु शक्ति खत्म, तेहरान ने बताया-‘नाकामियां छिपाने की कोशिश’

ट्रंप का बड़ा दावा: ईरान की परमाणु शक्ति खत्म, तेहरान ने बताया-‘नाकामियां छिपाने की कोशिश’

Iran US War: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार (स्थानीय समय) को कहा कि ईरान के साथ युद्ध बहुत जल्दी खत्म हो जाएगा और तेल की कीमतें ‘तेजी से गिरेंगी’। उन्होंने जोर देकर कहा कि अमेरिका ने ईरान की परमाणु शक्ति खत्म कर दी है। सैन एंटोनियो में रिपब्लिकन कैंपेन रैली के लिए रवाना होते समय उन्होंने पत्रकारों से कहा कि ईरान के परमाणु हथियारों से छुटकारा पाना जरूरी है। ट्रंप के मुताबिक, अभी ईरान पूरा बर्बाद हो चुका है।

तेल मंत्री के इस्तीफे पर तकरार

ईरान सरकार की प्रवक्ता फातमेह मोहजेरानी ने ट्रंप के उस दावे को खारिज किया कि तेल मंत्री ने अमेरिकी दबाव में इस्तीफा दिया। उन्होंने इसे अपनी नाकामियों को छिपाने की बेकार कोशिश बताया। अल जजीरा के मुताबिक, मोहजेरानी ने कहा कि इस्तीफा कमजोरी का संकेत नहीं, बल्कि स्थिर राजनीतिक व्यवस्था के भीतर लचीलेपन का उदाहरण था। ट्रंप ने एक दिन पहले कहा था कि तेल मंत्री ने ‘बस इस्तीफा दे दिया’ और अधिकारी ने उनसे कहा था कि ईरान के पास कोई अर्थव्यवस्था, तेल या कुछ भी नहीं है।

अरागची: रक्षा के लिए दृढ़, पर कूटनीति को गंभीर

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने कहा कि ईरान अपनी रक्षा के लिए दृढ़ है, लेकिन अधिकारी देश के हितों और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए कूटनीति का इस्तेमाल करने को लेकर गंभीर हैं। उनके टेलीग्राम चैनल के हवाले से अल जजीरा ने बताया कि संयुक्त राष्ट्र महासभा में ईरानी प्रतिनिधिमंडल ने अमेरिका को होर्मुज जलडमरूमध्य फिर खोलने के लिए सात दिन की शांति योजना का प्रस्ताव दिया था। ट्रंप ने पिछले महीने के आखिर में पेश इस प्रस्ताव को एक दिन बाद ही खारिज कर दिया। अमेरिकी अधिकारियों ने बातचीत फिर शुरू करने का जवाबी प्रस्ताव रखा।

वेंस की शर्त: 60% संवर्धित ईंधन की क्या जरूरत?

उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने रॉयटर्स को बताया कि सात महीने से चल रहे युद्ध को रोकने से पहले तेहरान को परमाणु संवर्धन क्षमता में ‘अर्थपूर्ण’ कटौती करनी होगी। उन्होंने कहा, अगर आप परमाणु हथियार नहीं चाहते हैं, तो आपको 60% संवर्धित ईंधन की क्या जरूरत है?” वेंस ने साफ़ किया कि सिर्फ जबानी वादे काफी नहीं होंगे और कहा, हम बातों के बदले काम नहीं करेंगे। वेंस ने कहा कि वाशिंगटन को स्पष्टता नहीं है कि तेहरान में अंतिम फैसला किसके पास है। राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन और अरागची के संपर्क में रहने के बावजूद उन्होंने इनके अधिकार क्षेत्र पर संदेह जताया।

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